शुक्रवार को डांबुला में भारत 'A' की श्रीलंका 'A' के हाथों नाटकीय हार और पैदा हुए ड्रामे से पैदा हुई निराशा के बाद भारतीय खिलाड़ी बहुत देर तक ड्रेसिंग रूम में विचार-विमर्श करते रहे. लेकिन इससे इतर करीब 70 साल का बुजर्ग बहुत ही शालीनता और धैर्य के साथ सिर्फ एक खिलाड़ी का इंतजार कर रहा था. दर्शक काफी समय पहले ही रंगीरी इंटरनेशनल स्टेडियम से जा चुके थे. ग्राउंड स्टाफ रात के लिए अपना काम समेटने लगा था, पत्रकार अपनी रिपोर्ट भेज रहे थे और उस उथल-पुथल भरी शाम के जज्बात अभी भी ताज़ा थे. इसके बावजूद, अनुरा टेनेकून अपनी जगह पर डटे रहे. और बीच-बीच में ड्रेसिंग रूम के मुख्य दरवाजे की तरफ देखते रहे.
श्रीलंका के पहले वनडे कप्तान और देश के सबसे सम्मानित क्रिकेट दिग्गजों में से एक टेनेकून ने कोलंबो से यहां तक (करीब 150 से 161 किमी) का सफर सिर्फ एक साधारण से मकसद के लिए तय किया था. सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी भव सूर्यवंशी से मिलने के लिए. पूर्व कप्तान ने लगभग एक घंटे तक इंतजार किया. खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ आते-जाते रहे. एक मोड़ पर तो उन्होंने इंडिया-ए के कप्तान तिलक वर्मा के साथ कुछ मिनट बातचीत भी की. लेकिन उन्हें कोई जल्दी नहीं थी. वह वहां सिर्फ और सिर्फ सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) से मिलने के लिए लिए रुके थे.

कैप्शन: श्रीलंका के पहले कप्तान अनुरा टेन्नेकून से मुलाकात के दौरान वैभव ने पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया
इस युवा खिलाड़ी के लिए वह शाम काफी मुश्किलों भरी रही थी। वह एक बार फिर बल्ले से फ्लॉप रहे थे, सुपर ओवर के बाद मैदान पर हुई एक तीखी बहस के केंद्र में आ गए थे और एक ऐसी हार के गहरे दुःख के साथ मैदान से बाहर आए थे जिसे इंडिया-ए को लगता था कि टाला जा सकता था. जब सूर्यवंशी आखिरकार ड्रेसिंग रूम से बाहर निकले, तो वे बेहद थके और उदास लग रहे थे. लेकिन टेनेकून को देखते ही उनके चेहरे के भाव नरम पड़ गए। 15 साल का यह युवा खिलाड़ी आगे बढ़ा. नीचे झुका और इस महान दिग्गज के पैर छुए।
He is the first ODI Captain of Sri Lanka Cricket, leading the team in the 1975 and 1979 Prudential World Cups, and also lead the team in the first ICC Trophy (now known as ICC Qualifiers). Anura Tennekoon turns 77 years today!🎂 pic.twitter.com/74TXoYXJTg
— Akhila Seneviratne (@AkhilaSene97) October 29, 2023
टेनेकून ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें गले से लगा लिया. दोनों के बीच यह बातचीत सिर्फ कुछ ही पलों की रही, लेकिन यह काफी गहरी थी. टेनेकून ने उनसे कहा, 'तुम सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दो और बाहरी शोर (दुनिया भर की बातों) को खुद से दूर रखो.' सूर्यवंशी ने चुपचाप सहमति में अपना सिर हिला दिया. एक ऐसा खिलाड़ी जिसका पिछले एक साल का ज्यादातर समय दिग्गजों की प्रशंसा में बीता हो, उसके लिए
यह सलाह सीधे दिल को छूने वाली थी.
टेनेकून ने कहा, 'मैं आईपीएल में उनकी बल्लेबाजी से वास्तव में बहुत प्रभावित हुआ था. और जिस तरह से वह चौके और छक्के लगाते हैं, वह वाकई अविश्वसनीय है. मुझे उम्मीद है कि वह इसी तरह आगे भी खेलते रहेंगे.' मैच के इर्द-गिर्द फैली निराशा, विवाद और शोर-शराबे के बीच, यह एक बेहद शांत और दिल को छू लेने वाला पल था. एक ऐसा पल जो भीड़ की नज़रों से काफी दूर घटित हुआ, लेकिन शायद इसके मायने किसी भी दूसरी चीज़ से कहीं बढ़कर थे.'
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