Middle East War Effect on Medical Sector: अगर आपको लगता है कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर भारत में सिर्फ गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों तक ही सीमित है, तो यह पूरी तस्वीर नहीं है. इस संघर्ष की आंच अब धीरे-धीरे हेल्थकेयर सेक्टर तक भी पहुंचने लगी है. हजारों किलोमीटर दूर चल रही यह लड़ाई मेडिकल सप्लाई चेन, दवाओं की उपलब्धता और अस्पतालों की सेवाओं पर असर डाल सकती है. खास तौर पर उन सेवाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जो नियमित सप्लाई और तकनीकी संसाधनों पर निर्भर करती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले समय में मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा इंतजार या ज्यादा खर्च का सामना करना पड़ सकता है.
दुनियाभर में हेल्थ सिस्टम इस समय दोहरी मार झेल रहा है. जहां जंग वाले इलाकों में अस्पताल मरीजों से भर गए हैं, वहीं बाकी देशों में दवाओं और मेडिकल सप्लाई की कमी चिंता बढ़ा रही है. लंबे समय तक बनी रहने वाली इस स्थिति ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया है. आईए जानते हैं कि क्यों और कैसे इस जंग के कारण हेल्थ सेक्टर प्रभावित हो रहा है.
-
'AI इंसानियत के लिए चौथा बड़ा झटका हो सकता है', NDTV से बोले AI को नैतिकता सिखाने वाले स्वामी सर्वप्रियानंद -
दीप प्रज्वलन से हुआ NDTV वर्ल्ड समिट 2026 का शानदार आगाज़ -
मोहिनी डे के म्यूजिक से सजी NDTV वर्ल्ड समिट 2026 की शुरुआत -
NDTV World Summit 2026: PM मोदी से जयशंकर तक... NDTV के मंच पर आज दुनिया की नजर -
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का आगाज... मोहिनी डे ने दी प्रस्तुति, एक मंच पर जमा हो रहे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
NDTV World Summit का हुआ आगाज... डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड समेत पहले दिन किन मुद्दों पर हो रही बात?

हीलियम की कमी
मेडिकल सेक्टर के लिए हीलियम बेहद जरूरी गैस है, खासकर MRI जैसी जांच के लिए. दुनिया में हीलियम सप्लाई का बड़ा हिस्सा कतर से आता है. सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति में MRI सेवाएं महंगी हो सकती हैं या सीमित हो सकती हैं. भारत में इसका असर धीरे-धीरे दिख सकता है.
दवाओं और उपकरणों की कमी
सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कैंसर की दवाएं, डायलिसिस से जुड़ा सामान, सर्जिकल उपकरण और एनेस्थीसिया जैसी चीजों की कमी हो सकती है. ईंधन की कमी एम्बुलेंस और अस्पताल के जनरेटर पर भी असर डाल सकती है.
स्पेशलाइज्ड इलाज पर असर
ऐसे हालात में अस्पतालों का फोकस इमरजेंसी पर शिफ्ट हो जाता है. इससे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के इलाज में देरी हो सकती है. मातृत्व सेवाएं, कैंसर इलाज और डायलिसिस जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. कई मरीजों को जल्दी डिस्चार्ज करना पड़ सकता है, जिससे आगे चलकर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है.
मेडिकल टूरिज्म पर भी असर
भारत मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात यहां भी असर डाल रहे हैं. एयरस्पेस बंद होने और फ्लाइट्स कैंसिल होने से पश्चिम एशिया से आने वाले मरीजों की संख्या में 50 से 75 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है. इससे अस्पतालों की कमाई पर भी असर पड़ा है और उनका रेवेन्यू 15 से 20 फीसदी तक घट गया है.
बिजली संकट का खतरा
जंग के चलते फ्यूल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिसका असर अस्पतालों के जनरेटर और बैकअप सिस्टम पर पड़ सकता है. ऐसे हालात में अस्पतालों के ऑपरेशन की लागत बढ़ सकती है. अस्पतालों के लिए यह बेहद गंभीर स्थिति हो सकती है, क्योंकि वेंटिलेटर और अन्य लाइफ सपोर्ट सिस्टम बिजली पर ही निर्भर होते हैं.
आगे क्या हो सकता है?
अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो इसका असर धीरे-धीरे और गहरा हो सकता है. भारत पहले भी कोविड की दूसरी लहर के दौरान हेल्थ संकट देख चुका है, जब ऑक्सीजन की भारी कमी सामने आई थी. मौजूदा स्थिति भी उसी तरह की चुनौती बन सकती है, हालांकि इसका असर धीरे-धीरे दिखेगा.
फिलहाल अस्पतालों की ओर से इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं कहा जा रहा है. लेकिन जो संकेत सामने आ रहे हैं, वे बताते हैं कि अगर सप्लाई चेन जल्दी सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में हेल्थ सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं