विज्ञापन

Dadi Nani Ke Nuskhe: ओमेगा-3 फैटी एसिड का पावरहाउस, विटामिन A और E से भरपूर हलीम के बीज 5 गजब के फायदे, जानें इसे खाने के Secret Method

आइए जानते हैं हलीम के बीजों को डाइट में शामिल करने के 5 ऐसे बड़े फायदे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं:

Dadi Nani Ke Nuskhe: ओमेगा-3 फैटी एसिड का पावरहाउस, विटामिन A और E से भरपूर हलीम के बीज 5 गजब के फायदे,  जानें इसे खाने के Secret Method

Halim Seeds Benefits | Halim Ke Beej Ke Fayde: क्या आप भी बालों के बेतहाशा झड़ने, खराब पाचन और दिन भर की सुस्ती से परेशान हैं? अगर हां, तो आपको अपनी दादी-नानी के उस पुराने राज (Dadi Nani Secret Method) के बारे में जानना चाहिए जो छोटे से बीज में छिपा है. हम बात कर रहे हैं हलीम के बीजों (Halim Seeds) की. आयुर्वेद और पुराने घरेलू नुस्खों (Gharelu Nuskhe) में हलीम के बीजों का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. चाहे इम्यूनिटी बढ़ानी हो, हीमोग्लोबिन लेवल ठीक करना हो या बालों को झड़ने से रोकना- ये छोटे से भूरे बीज बड़े काम के हैं.

आखिर क्या हैं हलीम के बीज? (What are Halim Seeds)

हलीम के बीजों को 'आलिव' (Aliv seeds) या 'गार्डन क्रेस सीड्स' (Garden cress seeds) के नाम से भी जाना जाता है. ये छोटे और भूरे रंग के होते हैं जो 'गार्डन क्रेस' नाम के पौधे से मिलते हैं. अपनी ताकतवर खूबियों की वजह से इनका इस्तेमाल मेडिकल और खाने-पीने की चीजों में सालों से किया जा रहा है.

हलीम का दूसरा नाम क्या है?

हलीम के अलावा, इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिनमें अलिव, गार्डन क्रेस, असालिया और चंद्रशूर प्रमुख हैं. इसके छोटे, लाल-भूरे बीज अपनी पोषण समृद्धि और स्वास्थ्य लाभों के लिए प्रसिद्ध हैं.

हलीम के अन्य नाम:

- अलिव (Aliv)
- गार्डन क्रेस (Garden Cress)
- असालिया (Asaliya)
- चंद्रशूर (Chandrashoor)

हलीम के बीज के पोषण और स्वास्थ्य लाभ:

हलीम के बीजों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जैसे कि पाचन तंत्र को मजबूत करना, इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देना, और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना.

Also Read: Foods To Avoid With Tea: चाय के साथ खाते हैं ये 5 चीजें? तो सेहत को हो सकता है भारी नुकसान, जानें चाय के साथ क्‍या नहीं खाना चाह‍िए

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: File Photo

हलीम के बीज के 5 फायदे | Halim Seeds Benefits | Halim Ke Beej Ke 5 Fayde

आइए जानते हैं हलीम के बीजों को डाइट में शामिल करने के 5 ऐसे बड़े फायदे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं:

1. ओमेगा-3 फैटी एसिड का पावरहाउस

हलीम के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक बेहतरीन जरिया हैं. ये फैट्स शरीर में सूजन (inflammation) को कम करने के लिए जाने जाते हैं. साथ ही, ये आपके दिल की सेहत, दिमाग की कार्यक्षमता और शरीर की ओवरऑल फिटनेस के लिए बहुत जरूरी हैं.

2. आयरन की कमी को करता है दूर

अगर आपको एनीमिया (खून की कमी) है, तो हलीम के बीज आपके लिए वरदान हैं. इनमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है. इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सही बना रहता है और आयरन की कमी की वजह से होने वाली थकान दूर होती है.

Also Read: अरंडी के तेल के फायदे और नुकसान | Castor Oil (Arandi ka tel): Benefits, Side Effects in Hindi

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: iStock

3. पाचन को बनाता है बेहतर

इन बीजों में 'डायटरी फाइबर' यानी रेशों की मात्रा काफी ज्यादा होती है. फाइबर पाचन को सुचारू बनाने में मदद करता है और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर रखता है. इतना ही नहीं, फाइबर की वजह से पेट ज्यादा देर तक भरा महसूस होता है, जिससे आपको बार-बार भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

Also Read: क्या हम पीरियड्स में पेनकिलर ले सकते हैं? डॉक्टर से जानिए

4. बाल और त्वचा के लिए रामबाण

विटामिन A और E से भरपूर होने के कारण हलीम के बीज आपकी स्किन और बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. ये विटामिन बालों की ग्रोथ बढ़ाते हैं और उन्हें टूटने से रोकते हैं. साथ ही, ये त्वचा को हेल्दी रखते हैं और शरीर को 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' से बचाते हैं.

5. शरीर की मरम्मत में मददगार (Tissue Repair)

हलीम के बीजों में 'लाइसिन' (Lysine) नाम का एक जरूरी अमीनो एसिड पाया जाता है. यह शरीर के ऊतकों (tissues) की मरम्मत करने और उनकी ग्रोथ में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. लाइसिन युक्त ये बीज प्रोटीन बनाने और डैमेज टिश्यू को ठीक करने में शरीर की मदद करते हैं.

हलीम के बीजों को खाने के Secret Method

अगर आप छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ते-लड़ते थक गए हैं, तो आयुर्वेद के इस पुराने राज यानी हलीम के बीजों को अपनी डाइट में जरूर जगह दें. इन्हें दूध के साथ, लड्डू बनाकर या पानी में भिगोकर लिया जा सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com