Supreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट में कई गंभीर मामले सुने जाते हैं, लेकिन कुछ याचिकाएं ऐसी भी होती हैं, जिन्हें देखकर जज भी हैरान रह जाते हैं. अजीब मांगों को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर होती रही हैं, लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट को याचिकाकर्ता से पूछना पड़ गया कि आखिर उसने कितनी पढ़ाई की है. एक व्यापारी ने अपनी याचिका में भारी भरकम कानूनी शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सच बताओ कि किसने ये याचिका लिखी है, नहीं तो अंग्रेजी का एग्जाम यहीं करवा देंगे. फिलहाल ये मामला सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
दरअसल ये याचिका जैकेट बेचने वाले एक व्यापारी ने दायर की थी, जिसमें टैक्स में कुछ छूट देने की बात कही गई थी. बार एंड बेंच के मुताबिक इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "ऐसा लगता है याचिकाकर्ता ने किसी ऐसे व्यक्ति से याचिका लिखवाई है, जिसने एक अस्पष्ट और बेतुकी याचिका तैयार की है. इस याचिका के सुर, लहजे और इसमें उठाए गए कथित संवैधानिक सिद्धांतों को देखकर नहीं लगता कि यह याचिकाकर्ता के दिमाग की उपज हो सकते हैं, जो कि एक छोटा व्यापारी है. हम ऐसी छोटी दलील के लिए किसी जांच का आदेश नहीं दे रहे हैं, भविष्य में ऐसी याचिकाएं दायर न करने की सख्त चेतावनी देते हैं."
CJI ने कही कोर्ट में ही परीक्षा करवाने की बात
CJI सूर्यकांत: क्या आपने यह याचिका खुद लिखी है?
याचिकाकर्ता: हां, मैंने खुद लिखी है. मैं अपना फोन यहां जमा कर सकता हूं.
CJI: आपकी पढ़ाई-लिखाई कितनी है?
याचिकाकर्ता: 12वीं पास
CJI: कौन से स्कूल से?
याचिकाकर्ता: सनातन धर्म स्कूल, लुधियाना
CJI: मैं यहीं कोर्ट में एक अंग्रेजी की परीक्षा करवाऊंगा...अगर आप उसमें 30 नंबर ले आए, तब मैं इसे देखूंगा
याचिकाकर्ता: हां-हां, मैं दे सकता हूं
CJI: या तो आप सच बता दीजिए, वरना हम आप पर भारी जुर्माना लगाएंगे और जांच के आदेश देंगे
याचिकाकर्ता: आप मेरा फोन देख सकते हैं
CJI: आपने इसमें 'कॉर्पोरेट डोनर्स को फिडुशियरी रिस्क' (fiduciary risk to corporate donors) जैसी बातें लिखी हैं... इसका मतलब क्या है?
वकील: मैं याचिका का हवाला दे सकता हूं.
CJI: मैं आखिरी बार पूछ रहा हूं कि यह किस वकील ने लिखी है? आपने इसे नहीं बनाया है.
वकील: मैंने एआई (AI) टूल्स की मदद ली है. मैंने एक टाइपिस्ट को 4 जैकेट भी गिफ्ट किए थे... और उसने टाइपिंग के लिए 1000 रुपये प्रति घंटा लिए... दास सर ने.
CJI: सुप्रीम कोर्ट के टाइपिस्ट ने यह याचिका बनाई है. उस टाइपिस्ट को यहां बुलाओ.
CJI: जाओ कुछ और स्वेटर बनाकर बेचो, ये सब करोगे तो कॉस्ट देना पड़ जाएगा.
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