मौसम में बदलाव होते ही सबसे ज्यादा असर हमारे शरीर पर पड़ता है. कभी तेज गर्मी, कभी हल्की ठंडक यह बदलाव अपने साथ सर्दी, जुकाम, बुखार और वायरल इंफेक्शन जैसी कई मौसमी बीमारियां लेकर आता है. ऐसे में हम डॉक्टर के पास भागते हैं और कई तरह की अंग्रेजी दवाइयां खाने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इन सभी समस्याओं का पक्का और नेचुरल इलाज आपके अपने घर के किचन गार्डन में ही मौजूद है? जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. इस बारे में जब एनडीटीवी ने सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली के यूनानी मेडिकल सेन्टर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और हेड डॉ. सैयद अहमद खान से तफसील से बात की, तो उन्होंने बहुत ही आसान और काम की बातें बताईं.
डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि अगर हम अपनी दिनचर्या में कुछ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों को शामिल कर लें, तो मौसमी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है. इसके लिए आपको बाजार से महंगे सप्लीमेंट्स खरीदने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आपके घर के गमलों या किचन गार्डन में उगने वाले तीन बेहद खास पौधे तुलसी, गिलोय और चिरायता आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. आइए जानते हैं कि इन तीनों का इस्तेमाल करके आप कैसे एक काढ़ा बना सकते हैं और खुद को हेल्दी रख सकते हैं.

क्यों खास हैं ये तीन पौधे?
- तुलसी- तुलसी को आयुर्वेद और यूनानी दोनों में ही गुणों की खान माना जाता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो गले की खराश, खांसी और जुकाम को चुटकियों में भगा देते हैं.
- गिलोय- गिलोय को इम्यूनिटी का पावरहाउस कहा जाता है. यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मददगार है.
- चिरायता- चिरायता स्वाद में बहुत कड़वा होता है, लेकिन इसके फायदे कमाल के हैं. यह खून को साफ करने और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार है.
कैसे ऐसे बनाएं सेहतमंद और असरदार काढ़ा-
- अपने किचन गार्डन से फ्रेश तुलसी की 7 से 8 पत्तियां, गिलोय की एक छोटी डंडी और चिरायता की थोड़ी सी मात्रा लें.
- एक बर्तन में डेढ़ गिलास पानी लें और उसमें इन तीनों चीजों को अच्छी तरह धोकर डाल दें.
- पानी को तब तक उबालें जब तक वह घटकर एक गिलास न रह जाए.
- इस काढ़े को हल्का गुनगुना करके सुबह खाली पेट पिएं. अगर स्वाद बहुत ज्यादा कड़वा लगे, तो आप इसमें थोड़ा सा शहद मिला सकते हैं.
रोज सुबह पीने के फायदे-
सुबह इस काढ़े को पीने से छींके, नाक बहना, गले में दर्द और शरीर की थकान जैसी समस्याएं कम हो सकती है. यह ड्रिंक आपके पेट को भी दुरुस्त रखने में भी मददगार हैं.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.
ये भी पढ़ें- दवा से कम नहीं पहाड़ों का ये पौधा, जानें डाइट में शामिल करने का तरीका और फायदे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं