बदलते मौसम में लोगों को कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं, जिसमें सर्दी, खांसी, गले में खराश जैसी परेशानियां शामिल हैं. ऐसे में शरीर की इम्यून पावर को बूस्ट करना बहुत ही जरूरी है. आयुर्वेद में तुलसी को औषधीय गुणों का खजाना माना गया है. ऐसे में अगर आप अपनी कमजोर इम्यून पावर को बूस्ट करना चाहते हैं, तो तुलसी का काढ़ा पिएं. ये न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखने में मददगार साबित हो सकता है, बल्कि इससे इंफेक्शन से लड़ने में भी मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं तुलसी का कढ़ा बनाने की रेसिपी क्या है-
तुलसी का काढ़ा कैसे बनाएं?
आवश्यक सामग्री
- ताजी तुलसी की पत्तियां - 10 से 12
- अदरक का टुकड़ा - 1 इंच
- काली मिर्च - 4 से 5
- दालचीनी - 1 छोटा टुकड़ा
- पानी - 2 कप
विधि
- तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए एक पैन में 2 कप पानी डालकर उबाल लें.
- अब इसमें तुलसी की पत्तियां, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी डाल दें.
- इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक पानी आधा न रह जाए.
- फिर गैस को बंद करके काढ़े को छान लें.
- जब ये थोड़ा गुनगुना हो जाए, तब आप शहद या गुड़ मिक्स करके पी सकते हैं.
तुलसी के पत्तों में मौजूद गुण?
तुलसी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यही गुण इसे मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपाय बनाते हैं. अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है, तो तुलसी का काढ़ा आपकी डेली रूटीन का हिस्सा बन सकता है.
तुलसी का काढ़ा पीने के क्या फायदे हैं?
- तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग इम्यूनिटी क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं.
- अगर आप तुलसी के काढ़े को अदरक और काली मिर्च के साथ मिलाकर बनाते हैं, तो इससे गले की खराश और खांसी की परेशानी दूर हो सकती है.
- यह शरीर के गर्म रखने में मददगार हो सकता है.
- नियमित रूप से तुलसी का काढ़ा पीने से पाचन तंत्र को बेहतर किया जा सकता है.
- यह गैस, अपच जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक माने जाते हैं.
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