Banana Shape Mystery: केला तो हम सब खाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये हमेशा टेढ़ा ही क्यों होता है? बाकी फल जहां गोल या सीधे होते हैं, वहीं केला हमेशा मुड़ा हुआ नजर आता है. इसके पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि एक खास साइंस काम करता है. आइए जानते हैं इस दिलचस्प मिस्ट्री का जवाब. केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में शामिल है. लेकिन इसे खाते वक्त शायद ही किसी ने इस बात पर गौर किया हो कि इसका आकार हमेशा कर्व्ड यानी मुड़ा हुआ क्यों होता है.
सेब, संतरा, तरबूज, खरबूज जैसे फल आमतौर पर गोल या कुछ लंबाई के साथ अंडाकर होते हैं, लेकिन केला का आकार अक्सर एक कर्व की तरह नजर आता है. दिलचस्प बात यह है कि इसके पीछे कोई कोइंसिडेन्स नहीं, बल्कि प्रकृति का बेहद खास साइंस काम करता है. आइए जानते हैं क्या ये इसकी पीछे का साइंटिफिक रीजन जो हर केले को टेढ़ा बना देता है.
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क्या आप जानते हैं?
शुरुआत में केले सीधे होते हैं, लेकिन सूरज की रोशनी की तरफ बढ़ते-बढ़ते उनका आकार टेढ़ा हो जाता है.
साइंस क्या कहता है? |
| इस प्रक्रिया को फोटोट्रोपिज्म कहते हैं |
| मतलब: रोशनी की दिशा में बढ़ना |
| इसी वजह से केला ऊपर की ओर मुड़ता है |
केला आखिर बढ़ता कैसे है? (How Do Bananas Grow?)
केले पेड़ की ऊंचाई से नीचे की तरफ लटककर बढ़ते हैं. एक बड़े गुच्छे में कई केले साथ लगे होते हैं और पूरा गुच्छा नीचे की ओर झुका रहता है. शुरुआत में छोटे केले काफी हद तक सीधे होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होने लगते हैं, उनका आकार बदलना शुरू हो जाता है. असल में केला सूरज की रोशनी की तरफ बढ़ने की कोशिश करता है.
भले ही उसका गुच्छा नीचे लटक रहा हो, लेकिन हर केला ऊपर की ओर मुड़ने लगता है ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा धूप मिल सके. इसी वजह से उसका आकार कर्व्ड हो जाता है.
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Photo Credit: AI
इसके पीछे कौन सा साइंस काम करता है? (What Science Works Behind This?)
इस प्रोसेस को साइंस की भाषा में “फोटोट्रोपिज्म” कहा जाता है. इसका मतलब होता है रोशनी की दिशा में बढ़ना. कई पौधे और फल सूरज की तरफ झुकते हैं, लेकिन केले में यह असर काफी साफ दिखाई देता है. यही वजह है कि नीचे लटकने के बावजूद केला ऊपर की तरफ मुड़ता जाता है. ज्यादातर केले इसी तरीके से बढ़ते हैं.
पहले उनका आकार सीधा होता है, लेकिन समय के साथ सूरज की रोशनी की ओर बढ़ते-बढ़ते वे मुड़ जाते हैं. यही कारण है कि दुनिया भर में मिलने वाले ज्यादातर केले कर्व्ड शेप में दिखाई देते हैं.
केले का यह अनोखा आकार सिर्फ उसकी पहचान नहीं, बल्कि प्रकृति के शानदार बैलेंस का भी उदाहरण है. यानी अगली बार जब आप केला खाएं, तो याद रखिए कि उसका टेढ़ापन दरअसल सूरज तक पहुंचने की उसकी कोशिश का नतीजा है.
FAQs-
Q1. केला टेढ़ा क्यों होता है?
क्योंकि वह सूरज की रोशनी की दिशा में बढ़ता है.
Q2. फोटोट्रोपिज्म क्या होता है?
यह पौधों का रोशनी की ओर झुकने की प्रक्रिया है.
Q3. क्या सारे केले टेढ़े होते हैं?
ज्यादातर केले इसी प्रक्रिया के कारण मुड़े हुए होते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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