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नजरअंदाज किए गए कुलदीप यादव का बड़ा धमाका, काउंटी में झटके 10 विकेट, गौतम गंभीर को भेजा संदेश

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट मुकाबसे में कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह नही मिली थी.

नजरअंदाज किए गए कुलदीप यादव का बड़ा धमाका, काउंटी में झटके 10 विकेट, गौतम गंभीर को भेजा संदेश
कुलदीप ने 10 विकेट झटके हैं और चयनकर्ताओं को सीधा संदेश दिया है

भारतीय टीम ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी. इस सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में हुआ था, जिसमें कुलदीप सिर्फ एक विकेट ले पाए थे. ऐसे में उन्हें दूसरे मुकाबले के लिए प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया था. कुलदीप को इस तरह से बाहर रखने पर कई दिग्गजों ने टीम मैनेजमेंट के फैसले की आलोचना की थी. ऐसा पहली बार नहीं हुआ था, जब चाइनामैन स्पिनर पर ऐसे टीम से बाहर होना पड़ा है. कुलदीप को काफी कम मौके मिलते हैं. 

कुलदीप रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट में टीम के स्क्वाड में जगह तो बना लेते हैं, लेकिन प्लेइंग XI से बाहर रहते हैं. हेड कोच गौतम गंभीर ने बीते कुछ समय से ऐसे गेंदबाजों को प्राथमिकता देते हुए दिख रहे हैं, जो थोड़ी बहुत बल्लेबाजी कर सकें, इसलिए कुलदीप के मौके कम ही मिले हैं. हालांकि, काउंटी चैंपियनशिप में 10 विकेट लेकर कुलदीप ने साबित कर दिया कि अगर उन पर भरोसा जताया जाए तो वह गेंद से क्या कर सकते हैं.

काउंटी में कुलदीप का जादू

एसेक्स के खिलाफ यॉर्कशायर में खेलते हुए, कुलदीप ने पहली पारी में 70 रन देकर चार शिकार किए तो दूसरी  पारी में 50 रन देकर 6 शिकार. ऐसे में वह इस मुकाबले में 120 रन देकर 10 विकेट लेने में सफल हुए. उन्होंने बल्ले से भी उपयोगी योगदान दिया और 36 रन बनाए, जिससे यॉर्कशायर ने बोर्ड पर 390 रन टांगे. 

मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद कुलदीप ने यॉर्कशायर क्रिकेट टीवी को बताया,"यह गेंदबाजी करने के लिए एक अच्छा विकेट था क्योंकि विकेट में पेस था, इसीलिए आपको तेज गेंदबाजी करने की ज़रूरत नहीं थी." "पिच करने के बाद, आप देख सकते हैं कि इसमें थोड़ी तेजी है, और आपको बस गेंद को स्पिन करना है." 

कुलदीप ने काउंटी और भारतीय पिचों की तुलना करते हुए कहा,"यदि आप इसकी तुलना भारतीय परिस्थितियों से करते हैं, तो यह पूरी तरह से अलग है. घर वापस, जब आप गेंदबाजी करते हैं, तो आपको बहुत अधिक स्पिन देखने को मिलेगी, लेकिन विकेट धीमी हैं, और बल्लेबाज कभी-कभी समायोजित कर सकते हैं. यहां, विकेट में पेस है, अगर वे बैकफुट पर जाते हैं, तो वे फंस जाते हैं, और शायद उन्हें आगे खेलना पड़ता है. यहीं पर आपके पास उन्हें पीछे पकड़ने या स्लिप या शायद शॉर्ट-लेग पर पकड़ने का बेहतर मौका होता है."

लेकिन बना हुआ है बड़ा सवाल

सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में चाइनामैन स्पिनर काफी मुश्किल से मिलते हैं.  हालांकि, इसके बावजूद कुलदीप ने 2017 में डेब्यू करने के बाद से भारत के लिए सिर्फ 19 टेस्ट मैच खेले हैं.  अपने करियर के शुरुआती दिनों में, कुलदीप बेंच पर या टीम से बाहर रहे क्योंकि सेलेक्शन कमिटी और टीम मैनेजमेंट ने रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की जोड़ी को प्राथमिकता दी थी.

अभी, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, और हाल ही में, मानव सुथार और सारांश जैन जैसे खिलाड़ियों को टीम में मौके मिल रहे हैं. कुलदीप प्लेइंग XI से अंदर-बाहर होते रहे हैं, मैनेजमेंट ने उन्हें वह लंबा मौका देने से मना कर दिया जिससे वह अपना असली पोटेंशियल दिखा सकें. मैच में 10 विकेट लेकर, कुलदीप ने मैनेजमेंट को एक साफ मैसेज दिया है, जिसमें हेड कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जिनके बड़े फैसलों ने बार-बार हंगामा मचाया है.

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