US Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में अभी तक पूरी तरह शांति नहीं हुई है, लेकिन अब जो संकेत मिल रहे हैं, वे पिछले कई दिनों की तुलना में ज्यादा उम्मीद देने वाले हैं. ईरान और अमेरिका दोनों लड़ाई का हमेशा के लिए अंत चाहते हैं, लेकिन अपनी-अपनी शर्तों पर. अब तक दोनों की शर्तें इतनी अलग थीं कि समझौता संभव नहीं लग रहा था. लेकिन अब स्थिति बदल सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार सैन्य ताकत का इस्तेमाल करके ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि ईरान वही करे जो अमेरिका चाहता है.
शुरुआत में अमेरिका 28 फरवरी को इजरायल के साथ युद्ध में शामिल हुआ. अमेरिका ने कहा था कि इसका मकसद “ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना” है. हालांकि ईरान हमेशा से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा लेकिन ट्रंप नहीं मान रहे थे. बाद में दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने ईरान के खाड़ी से लगे बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी लगा दी. इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को कमजोर करना था. लेकिन यह कोशिश सफल नहीं हुई.
ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ही खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस नुकसानदायक तनाव को खत्म करने का शायद एकमात्र सही रास्ता माना जा रहा है.
आज अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर जवाब दे सकता है ईरान- रिपोर्ट
एक क्षेत्रीय सूत्र के हवाले से CNN ने रिपोर्ट छापी है कि ईरान गुरुवार को युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना जवाब मध्यस्थों को सौंप सकता है. बताया गया है कि ईरान इस अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. एक सूत्र के मुताबिक, दोनों पक्ष अब युद्ध खत्म करने के समझौते की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि मिडिल ईस्ट की लड़ाई खत्म करने के लिए ईरान के साथ समझौता होना “बहुत संभव” है.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “पिछले 24 घंटों में हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही है और यह काफी संभव है कि हम कोई समझौता कर लें.”
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