- अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप तीन दिन के दौरे पर चीन पहुंच गए हैं जहाँ उनका उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया
- ट्रंप शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे जिसमें ईरान युद्ध और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की संभावना है
- यह ट्रंप का नौ साल बाद दूसरा चीन दौरा है जिसमें दोनों देश टैरिफ और व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पहुंच गए हैं. बुधवार शाम को ट्रंप चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे. वहां चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने उनका स्वागत किया. ट्रंप का यह दौरा तीन दिन का है. इस दौरान वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब ईरान में जंग चल रही है. माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान दोनों के बीच ईरान युद्ध के साथ-साथ दूसरे वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है.
ट्रंप चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के न्योते पर चीन आए हैं. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्रपति के बीच ये 7वीं मुलाकात होगी. इससे पहले ट्रंप और जिनपिंग अक्टूबर 2025 में साउथ कोरिया के बुसान शहर में मिले थे.
बुधवार को ट्रंप जब बीजिंग पहुंचे तो एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत किया गया. रेड कार्पेट पर आगे बढ़ते हुए ट्रंप कुछ देर के लिए वहां जमा मिलिट्री ऑनर गार्ड और चीनी युवाओं को, जो झंडे लहरा रहे थे, ने अपना खास 'फिस्ट पंप' (मुट्ठी बांधकर लहराने का इशारा) किया.
Wheels down in Beijing!
— The White House (@WhiteHouse) May 13, 2026
President Donald J. Trump lands for a landmark summit with China, greeted by Vice President Han Zheng during a welcome ceremony. pic.twitter.com/4q2mATZrn4
क्यों खास है यह दौरा?
ट्रंप 9 साल में दूसरी बार चीन की यात्रा पर हैं. ट्रंप इससे पहले 2017 में चीन गए थे. ट्रंप ऐसे समय चीन पहुंचे हैं, जब दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर भी तनाव है.
ट्रंप इसलिए चीन गए हैं, ताकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को फाइनल किया जा सके और टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव को खत्म किया जा सके. टैरिफ की वजह से अमेरिका को चीन से होने वाले 525 अरब डॉलर से ज्यादा के निर्यात प्रभावित हो रहे थे.
इस दौरे की जानकारी देते हुए व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी ऐना केली ने रविवार को बताया था कि ट्रंप गुरुवार को शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. उन्होंने बताया कि दोनों नेता शुक्रवार को चाय पर मुलाकात करेंगे और उसी दिन दोपहर में लंच पर भी बैठक करने का कार्यक्रम है.
ट्रंप अपनी तीन दिन की चीन यात्रा के दौरान टेंपल ऑफ हेवन भी जाएंगे, जो शाही मंदिरों का एक परिसर है जहां सम्राट अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते थे.

बिजनेस को लेकर भी होगी बात
ट्रंप की इस यात्रा के दौरान अमेरिका और चीन के बीच बिजनेस को लेकर भी बात होगी. ट्रंप के साथ कई कंपनियों के सीईओ भी हैं, जिनमें टेस्ला के मालिक एलन मस्क और एपल के सीईओ टिम कुक भी शामिल हैं.
बीजिंग के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने वॉशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह शी जिनपिंग से कारोबार के बारे में सबसे ज्यादा बात करेंगे. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी खाद्य पदार्थों और विमानों की खरीद के लिए चीन से समझौता करने की योजना बना रहे हैं. दोनों देश अपने बीच के मतभेदों को दूर करने के लिए चीन के साथ एक 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' बनाने की भी योजना बना रहे हैं.
चीन के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका से आए बिजनेस लीडर्स को एक इंटरनेशनल बिजनेस क्लब में चीन के बिजनेस लीडर्स के साथ मिलने-जुलने का मौका मिलेगा.

क्यों है दुनिया की नजर?
ट्रंप और जिनपिंग गुरुवार को मिलेंगे. इस मुलाकात पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं. वह इसलिए क्योंकि इस दौरान दोनों के बीच ईरान जंग को खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी को खत्म करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हो सकती है.
ट्रंप की यात्रा से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग की यात्रा की थी. युद्ध शुरू होने के बाद अराघची की चीन की यह पहली यात्रा थी. इस दौरान उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी.
इस मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था, 'मुझे उम्मीद है कि चीन उन्हें वही बताएगा, जो उन्हें बताया जाना चाहिए.'
यह भी पढ़ेंः Opinion: ट्रंप को अचानक जिनपिंग की याद क्यों आई, चीन दौरे का आखिर क्या निकलेगा नतीजा?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं