मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET का पेपर एक बार फिर लीक हो गया है. पेपर लीक के इस नए मामले से तमिलनाडु को NEET की आलोचना करने का एक और मौका मिल गया है. तमिलनाडु सरकार ने एक बार फिर NEET को खत्म करने की मांग कर दी है. तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह NEET से होने वाले एडमिशन की व्यवस्था खत्म करे और राज्यों को 12वीं क्लास के मार्क्स के आधार पर सीटें भरने की इजाजत दे.
तमिलनाडु वह राज्य है, जो शुरुआत से ही NEET के खिलाफ रहा है. उसका तर्क है कि यह व्यवस्था अमीर, शहरी और अंग्रेजी मीडियम में पढ़े छात्रों के पक्ष में है और इससे असंतुलन पैदा होता है. सरकार का कहना है कि यह सिस्टम गांवों के उन होनहार लेकिन वंचित छात्रों को बाहर कर देती है, जिन्होंने स्थानीय भाषा के माध्यम से पढ़ाई की है और जो निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते. इसी आधार पर तमिलनाडु NEET से छूट की मांग करता रहा है.
अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी अपने बयान में, विजय ने इस बात की ओर इशारा किया कि यह पहली बार नहीं है जब NEET की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं.
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— CMOTamilNadu (@CMOTamilnadu) May 13, 2026
மருத்துவப் படிப்புகளில் நீட் (NEET) அடிப்படையிலான சேர்க்கைகளை ரத்து செய்யவும், பன்னிரெண்டாம் வகுப்பு மதிப்பெண்களின் அடிப்படையில் மாநிலங்களே நிரப்ப அனுமதிக்க, ஒன்றிய அரசை வலியுறுத்தி மாண்புமிகு தமிழ்நாடு முதலமைச்சர் திரு.ச.ஜோசப் விஜய் அவர்களின் அறிக்கை#CMJosephVijay pic.twitter.com/R1G6on3Scy
विजय ने कहा, '2024 में पेपर लीक हो गया था और 6 राज्यों में FIR दर्ज की गई थीं, जिन्हें बाद में CBI को सौंप दिया गया था. ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णमन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक हाईलेवल कमेटी ने सुधारों के 95 सिफारिशें दी थीं. इन सबके बावजूद महज दो साल के भीतर ही एक और पेपर लीक की घटना सामने आई है और परीक्षा रद्द करनी पड़ी है.'
उन्होंने कहा कि 'समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस एग्जाम के बारे में कहा था कि यह खामियों और दोषों का पुख्ता सबूत है.'
विजय ने आगे कहा, 'तमिलनाडु सरकार NEET की शुरुआत से ही लगातार इसका विरोध करती आ रही है. NEET की शुरुआत ने ग्रामीण इलाकों, सरकारी स्कूलों, तमिल-माध्यम पृष्ठभूमि और सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित परिवारों के छात्रों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है. तमिलनाडु सरकार अपनी उस पुरानी मांग को फिर से दोहराती है कि NEET को खत्म किया जाए और राज्यों को यह अनुमति दी जाए कि वे MBBS, BDS और AYUSH कोर्स में 'राज्य कोटे' के तहत आने वाली सभी सीटों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर भर सकें.'
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