US Iran War: ईरान युद्ध को लेकर अब एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान पर 40 दिनों तक चले हमलों के दौरान अमेरिका के एक-दो नहीं कुल 42 विमान या तो तबाह हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. यह रिपोर्ट साबित कर रही है कि अमेरिकी सेना जितना दिखा रही है, ईरान ने उसे उससे कहीं अधिक चोट दी है. इस रिपोर्ट के बाद अमेरिका की सैन्य ताकत और युद्ध की कीमत पर नए सवाल उठने लगे हैं.
रिपोर्ट में क्या है?
अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ 40 दिनों तक चले बमबारी अभियान में 42 विमान खो दिए या वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” चलाया था और उसी के तहत 40 दिनों तक ईरान पर बमबारी की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें (42 विमान में) लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और बिना पायलट वाले ड्रोन शामिल थे. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी न्यूज रिपोर्टों और रक्षा विभाग तथा अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के आधार पर दी गई है.
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अप्रैल में युद्धविराम के बाद लड़ाई कुछ धीमी हुई, लेकिन कुछ हफ्तों बाद फिर हमले शुरू हो गए और हालात अब भी बदलते हुए बने हुए हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रक्षा विभाग ने अब तक इस अभियान में हुए नुकसान की पूरी जानकारी जारी नहीं की है. रिपोर्ट के अनुसार 12 मई 2026 की सुनवाई के दौरान पेंटागन के कार्यवाहक कंट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट थर्ड ने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान की लागत बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक जिन विमानों को नुकसान हुआ या जो नष्ट हुए उनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान, एक F-35A लाइटनिंग द्वितीय लड़ाकू विमान, एक ए-10 थंडरबोल्ट द्वितीय हमला विमान, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर ईंधन भरने वाले विमान, एक E-3 सेंट्री एडब्ल्यूएसीएस विमान, दो एमसी-130जे कमांडो द्वितीय विशेष अभियान विमान, एक एचएच-60डब्ल्यू जॉली ग्रीन द्वितीय हेलीकॉप्टर, 24 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और एक एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन शामिल हैं.
रिपोर्ट के बाद ईरान खुश
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी संसद ने खुद माना है कि युद्ध के दौरान अरबों डॉलर कीमत के कई विमान नष्ट हुए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईरान पर युद्ध शुरू होने के कई महीनों बाद अमेरिकी संसद ने अरबों डॉलर के दर्जनों विमानों के नुकसान को स्वीकार किया है.”
अराघची ने यह भी दावा किया कि ईरान की सेना दुनिया में पहली सेना बनी जिसने एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया. उन्होंने कहा, “हमारी ताकतवर सेना ने सबसे पहले F-35 विमान को गिराया. इस युद्ध से हमने जो सबक और अनुभव हासिल किए हैं, उनके बाद अगर फिर युद्ध हुआ तो दुनिया को और भी कई बड़े सरप्राइज देखने को मिलेंगे.”
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