प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यह रिकॉर्ड सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का है. इसे लेकर ही कल NDA की बड़ी बैठक होने वाली है. इसमें सरकार के 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत की सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने का जश्न मनाया जाएगा.
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी समेत बीजेपी के बड़े नेताओं के अलावा NDA के सभी सहयोगी दलों के शामिल होने की उम्मीद है. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि NDA की इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पास किए जाने की संभावना है.
लगभग डेढ़ साल बाद NDA की इतनी बड़ी बैठक हो रही है. आखिरी बार NDA की बैठक फरवरी 2025 में हुई थी.
मोदी ने कैसे तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड?
26 मई 2014 को मोदी ने भारी जीत के साथ प्रधानमंत्री का पद संभाला. 2019 में उन्हें और बड़े जनादेश के साथ फिर से चुना गया और उसी साल 30 मई को उनका दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ. उनका लगातार तीसरा कार्यकाल 9 जून 2024 को शुरू हुआ.
10 जून को, मोदी ने 1952 के आम चुनावों के बाद चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू के 4,399 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 1947 से 1952 तक नेहरू का कार्यकाल अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर था क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे.
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल 14 साल का था, जो मोदी के कार्यकाल से ज्यादा है, लेकिन उनका प्रधानमंत्री पद का कार्यकाल लगातार नहीं था. नेहरू के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड को पार करके, मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं.
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NDA की बैठक में क्या होगा?
भारत मंडपम में होने वाली NDA की बैठक में सभी 22 NDA शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के अलावा गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे.
इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान जैसे केंद्रीय मंत्रियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है. NDA में शामिल पार्टियों के केंद्रीय मंत्री- टीडीपी से के. राम मोहन नायडू, जेडीयू से राजीव रंजन सिंह, जेडीएस से एचडी कुमारस्वामी और अपना दल-सोनेलाल से अनुप्रिया पटेल के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है.
PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में NDA के 35 सहयोगी दलों के लगभग 75 वरिष्ठ नेता एक साथ आएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे.
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नायडू बढ़ाएंगे प्रस्ताव
NDA की इस बैठक में एक प्रस्ताव भी पास किया जाएगा. बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एक विशेष प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी जाएगी और उनके नेतृत्व के लिए NDA का आभार जताया जाएगा. इस प्रस्ताव का समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो करेंगे.
इसके बाद, प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने से पहले गठबंधन के नेता चर्चा में हिस्सा लें. सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पास होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी NDA की बैठक को संबोधित कर सकते हैं.
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इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, NDA के नेता और केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के साथ-साथ 2047 तक 'विकसित भारत' के साझा सपने को साकार करने के लिए और सुधार लाने के तरीकों पर अपने विचार और बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे.
इस बैठक में राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के मोदी सरकार के विजन की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
बैठक में इस बात पर भी चर्चा होने की संभावना है कि चल रही विकास योजनाओं को लेकर राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए.
हाल ही में कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रियों को लोगों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में काम करना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन 2026 में भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से कहा कि यह आगे देखने का समय है, न कि अतीत में किए गए कामों पर अटके रहने का.
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