Bihar Weather News: बिहार में चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में मानसून (Monsoon 2026) की एंट्री को लेकर ताजा अपडेट जारी कर दिया है. हवाओं का रुख बदल रहा है और प्री-मानसून बारिश (Pre-Monsoon Rain) के साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार बनने लगे हैं. आइए जानते हैं कि इस बार बादलों का मिजाज कैसा रहेगा और आपके शहर में झमाझम बारिश कब से शुरू होगी.
कब आ रहा है मानसून और कैसा रहेगा बारिश का हाल?
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिहार में आगे बढ़ने के लिए हालात बिल्कुल अनुकूल बने हुए हैं. 10 से 15 जून के बीच मानसून बिहार में दस्तक दे देगा. सबसे पहले यह राज्य के पूर्वी और सीमांचल इलाकों के रास्ते प्रवेश करेगा. इसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 15 से 20 जून के बीच राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों को भी कवर कर लेगा. राहत की बात यह है कि इस साल अल-नीनो (El Niño) की स्थिति न्यूट्रल बनी हुई है, जिसके चलते मानसून पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है और राज्य में सामान्य बारिश (Normal Rainfall) होने का अनुमान है.
इन जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
मानसून के आने से पहले ही मौसम विभाग ने आज कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही कई जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है. यह अलर्ट पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान और गोपालगंज जिलों में जारी किया गया है. खासतौर पर कोसी-सीमांचल के इलाके में इस दौरान जबरदस्त बारिश देखने को मिल सकती है.
गिरेगा पारा, मिलेगी तपती गर्मी से राहत
तापमान की बात करें तो मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आ सकती है. इसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का प्रकोप कम होगा और मौसम सुहावना होने लगेगा.
मौसम बिगड़ने पर बरतें ये सावधानियां
तेज आंधी और बारिश को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. मौसम विभाग ने कहा है कि यदि आप खुले आसमान के नीचे हैं, तो मौसम खराब होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें. तेज हवाओं और वज्रपात के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रखें. घरों में बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. अचानक आने वाली बाढ़ की संभावना वाले निचले और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.
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