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बिना ड्राइवर वाली नाव, AI से लैस... ड्रोन बोट से अमेरिका ने कैसे बचाए अपने दो पायलट? 5 बड़ी बातें

यह पहली बार है जब अमेरिका ने समुद्र में किसी व्यक्ति को बचाने के लिए बिना ड्राइवर वाली सैन्य नाव (अनमैन्ड वेसल) का उपयोग किया है.

बिना ड्राइवर वाली नाव, AI से लैस... ड्रोन बोट से अमेरिका ने कैसे बचाए अपने दो पायलट? 5 बड़ी बातें
Sea Drone Explained: अमेरिका ने 24 फुट लंबे समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया (फोटो- सैरोनिक टेक)
  • अमेरिका ने ड्रोन बोट की मदद से होर्मुज के पास हमले में गिरे अपाचे हेलीकॉप्टर के दो पायलटों को बचाया है
  • यह पहली बार है जब अमेरिका ने समुद्र में किसी व्यक्ति को बचाने के लिए बिना ड्राइवर वाली सैन्य नाव का उपयोग किया
  • यह समुद्री ड्रोन एक 24 फुट लंबा 'सैरोनिक कॉर्सेयर' ऑटोनॉमस सतही जहाज है, जो कथित तौर पर AI से चलता है

अमेरिका और ईरान के बीच की जंग में अबतक आपने ड्रोन का इस्तेमाल बम गिराने, खुद जाकर टारगेट पर ब्लास्ट हो जाने या फिर सर्विलांस के लिए सुना होगा. लेकिन अब जान बचाने के लिए एक खास तरह के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है- ड्रोन बोट. यानी ऐसी नाव जिसपर कोई चलाने वाला नहीं बैठा होता. दरअसल होर्मुज के पास अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर अटैक के बाद गिर गया था. अमेरिकी नौसेना ने एक ड्रोन बोट का इस्तेमाल करके इस अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को बचाा है. यह पहली बार है जब अमेरिका ने समुद्र में किसी व्यक्ति को बचाने के लिए बिना ड्राइवर वाली सैन्य नाव (अनमैन्ड वेसल) का उपयोग किया है.

यह समुद्री ड्रोन एक 24 फुट लंबा 'सैरोनिक कॉर्सेयर' ऑटोनॉमस (खुद से चलने वाला) सतही जहाज है, जो कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलता है. चलिए आपको इस ड्रोन बोट के बारे में बताते हैं.

नोट- अमेरिका का दावा है कि ईरान ने इस अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला कर मार गिराया था. ईरान इससे इनकार कर रहा है. अमेरिका ने इसी आरोप के दम पर ईरान पर हमला किया जबकि ईरान ने पलटवार करते हुए बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.

अमेरिका का ड्रोन बोट

यह ड्रोन बोट अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) की उस योजना का हिस्सा है जिसमें पहले से मौजूद समुद्री ताकत के साथ-साथ बिना ड्राइवर वाले वाहनों का विस्तार किया जा रहा है. यह ड्रोन बोट लगभग 1000 पाउंड वजन ले जाने में सक्षम है और करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. इसे अमेरिका के टेक्सास स्थित सैरोनिक टेक्नोलॉजीज कंपनी बनाती है और यह अमेरिकी नौसेना की टास्क फोर्स 59 का हिस्सा है, जो AI आधारित ड्रोन और बिना ड्राइव वाले जहाजों को संभालती है, यह जानकारी न्यूयॉर्क पोस्ट ने दी है.

सैरोनिक कॉर्सेयर को पिछले साल दिसंबर में पूरी तरह से तैयार किया गया था. इस ड्रोन बोट बनाने वाली कंपनी को लगभग 400 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 2027 तक हर साल 20 से ज्यादा ऐसे अनमैन्ड जहाज बनाने का लक्ष्य रख रही है.

ड्रोन बोट के बारे में 5 बड़ी बातें

  1. अमेरिका पानी के उपर चलने वाले और पानी के अंदर चलने वाले दोनों तरह के बिना ड्राइवर वाले जहाज इस्तेमाल करता है, जो अलग-अलग मिशनों के लिए बने हैं.
  2. उपर चलने वाले ड्रोन अलग-अलग आकार के होते हैं. छोटे ड्रोन लगभग 5 मीटर लंबी तेज नावें होती हैं जैसे ग्लोबल ऑटोनॉमस रिकॉनिसेंस क्राफ्ट (GARC), जो बंदरगाह, तट और जहाजों की निगरानी करती हैं. बड़े और तेज ड्रोन जैसे L3Harris Arabian Fox MAST-13 निगरानी, टारगेटिंग और कम्युनिकेशन का काम करते हैं.
  3. अमेरिकी नौसेना के पास पानी के अंदर चलने वाले कई प्रकार के अनमैन्ड नावें हैं- बड़े, मध्यम और छोटे आकार के. बड़े ड्रोन हजारों किलोमीटर खुद चल सकते हैं, जबकि छोटे ड्रोन माइन डिटेक्शन जैसे काम करते हैं. इनमें से कई सिस्टम पूरी तरह गोपनीय हैं.
  4. समुद्री ड्रोन कई मिशन में काम आते हैं- सर्विलांस, दुश्मन पर नजर रखना, माइन हटाना और कभी-कभी हमला करने के लिए भी. 
  5. कुछ समुद्री ड्रोन बहुत सफल रहे हैं. यूक्रेन का मैगुरा V5 सबसे ज्यादा लड़ाई में इस्तेमाल होने वाला ड्रोन है. इसने कई रूसी युद्धपोत डुबोए हैं और दिसंबर 2024 में एक रूसी हेलीकॉप्टर को भी मार गिराया था, जो पहली बार था जब किसी समुद्री ड्रोन ने किसी विमान को नष्ट किया.

यह भी पढ़ें: अमेरिका का हमला खत्म तो ईरान का पलटवार! बहरीन और जॉर्डन में मिसाइल-ड्रोन से किया अटैक

 

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