विज्ञापन

कहानी तुर्की की: दंगा पुलिस ने विपक्षी पार्टी के मुख्यालय पर कब्जे के लिए आंसू गैस छोड़े, नेता को जबरन निकाला

तुर्की में इस हालात पर मानवाधिकार संगठनों की भी नजर है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने तो अदालत के आदेश को ही कानून और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. साथ ही राष्ट्रपति एर्दोगन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

कहानी तुर्की की: दंगा पुलिस ने विपक्षी पार्टी के मुख्यालय पर कब्जे के लिए आंसू गैस छोड़े, नेता को जबरन निकाला
तुर्की में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है.
  • तुर्की की एक अदालत ने मुख्य विपक्षी पार्टी सीएचपी के अध्यक्ष ओजगुर ओजेल को पद से हटा दिया है
  • अंकारा में पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए सीएचपी मुख्यालय में जबरन प्रवेश किया
  • ओजगुर ओजेल की अध्यक्षता में सीएचपी मजबूत हुई थी और एर्दोगन को आगामी चुनाव में चुनौती मिलने लगी थी

तुर्की में अजीब स्थिति बन गई है. तुर्की की एक अदालत ने विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष को उन्हीं की पार्टी से हटा दिया और दूसरे नेता को वो पद दे दिया. अब आज सैकड़ों तुर्की दंगा पुलिसकर्मी आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए अंकारा स्थित मुख्य विपक्षी पार्टी सीएचपी के मुख्यालय में जबरन घुस गए. खूब हंगामा हुआ और जबरन विपक्ष के नेता को बाहर निकाल दिया गया.

देखें वीडियो

ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया 'अत्याचार'

पार्टी सदस्यों ने गुरुवार को रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के खिलाफ आधिकारिक जांच के तहत जारी अदालत के आदेश की अवहेलना करते हुए इमारत के प्रवेश द्वारों को घेर लिया था. इसके बाद पुलिस ने जबरन प्रवेश किया. एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन, ह्यूमन राइट्स वॉच ने शनिवार को चेतावनी दी कि राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन की सरकार सीएचपी के खिलाफ "अत्याचारपूर्ण रणनीति" अपनाकर तुर्की लोकतंत्र को कमजोर कर रही है. पिछले साल, तुर्की के अधिकारियों ने एर्दोगन के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू को जेल में डाल दिया था, जो 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में सीएचपी के उम्मीदवार थे. 

अदालत का क्या है आदेश

गुरुवार को अदालत के आदेश ने तुर्की के मुख्य विपक्षी दल सीएचपी प्रमुख ओजगुर ओजेल की 2023 के पार्टी चुनावों में जीत को रद्द कर दिया और इसके पूर्व अध्यक्ष कमाल किलिकदारोग्लू को अंतरिम नेता नियुक्त कर दिया. कमाल किलिकदारोग्लू लगातार चुनाव हार चुके हैं और इसी कारण सीएचपी ने उन्हें हटाया था. ओजेल के सीएचपी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी मजबूत होने लगी और एर्दोगन को तुर्की में चुनौती मिलने लगी. 

दंगा पुलिस ने जब ओजेल को इमारत से बाहर निकाला तो उन्होंने कहा, "रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी अब से सड़कों या चौकों पर उतरेगी." समर्थकों से घिरे संसद की ओर रवाना होते हुए उन्होंने शपथ ली, "हम सत्ता की ओर मार्च करेंगे." 

पिछले साल भी हुआ था ऐसा

पिछले साल, इस्तांबुल में भी इसी तरह के दृश्य देखने को मिले थे, जब अदालतों ने क्षेत्रीय सीएचपी कार्यालयों का कार्यभार संभालने के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया था. ह्यूमन राइट्स वॉच ने अदालत के इस आदेश को तुर्की में "कानून के शासन, लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर एक और बेहद हानिकारक प्रहार" बताया है.

ये भी पढ़ें-

ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिनों के सीजफायर का जल्द हो सकता है ऐलान, होर्मुज खोलने पर भी बनी सहमति: रिपोर्ट

West Bengal में बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध सही या गलत, सऊदी अरब में क्या हैं नियम

ईरान ने होर्मोजगान प्रांत में इजरायल के एक जासूसी और निगरानी ड्रोन को मार गिराया: रिपोर्ट

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Turkey, Türkiye, Türkiye Police In Opposition Headquarter, Recep Tayyip Erdoğan, Recep Tayyip Erdogan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com