अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उनके हमलों ने ईरान की कमर तोड़ दी है और वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़ी हो गई है, तो दूसरी तरफ तेहरान की सड़कों पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है. NDTV की टीम जब तेहरान के मशहूर तजरीश स्क्वायर मार्केट पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर कोई यह अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि यह देश युद्ध के साये में जी रहा है. बाजारों में लोगों की काफी भीड़ है और लोगों के बीच वैसा कोई खौफ नहीं दिख रहा, जैसा पश्चिमी मीडिया में दावा किया जा रहा है.
ईरान की इस जमीनी सच्चाई को करीब से NDTV ने देखा. हमलों और तनाव के बीच तेहरान के बाजारों में न केवल चहल-पहल है, बल्कि वहां एक अलग ही तरह का आत्मविश्वास और जोश दिखाई दे रहा है. ट्रंप के दावों के उलट, तेहरान के आम लोग घबराहट में घरों में दुबकने के बजाय अपनी सामान्य जिंदगी जी रहे हैं और खरीदारी में मशगूल हैं.
ये ईरान वो नहीं जो सुना था
अक्सर पश्चिमी मीडिया में ईरान को एक बेहद दकियानूसी और बंद समाज के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन तजरीश स्क्वायर की हकीकत इससे काफी अलग नजर आई.
बाजारों में महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद थीं, बल्कि वे सामान्य और आधुनिक वेस्टर्न कपड़ों में भी खुलेआम घूमती दिखीं. यह नजारा उन तमाम दावों को झुठलाता है जो कहते हैं कि ईरानी समाज पूरी तरह बंदिशों में जकड़ा हुआ है. ईरान में महिलाओं की पाबंदियों से जुड़े असली सच पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं.
सब्जी मंडी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, हर तरफ खरीदारों का रेला
तजरीश स्क्वायर मार्केट की गलियों में कदम रखते ही ताजे फलों, सब्जियों और सूखे मेवों की खुशबू आपका स्वागत करती है. यहां की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी हुई है. चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और महंगी इलेक्ट्रॉनिक चीजों की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा हुआ है.
बाजारों का यह माहौल बताता है कि आर्थिक पाबंदियों और हमलों के बावजूद ईरान की सप्लाई चेन और लोगों की परचेजिंग पावर (खरीदना की क्षमता) फिलहाल बरकरार है. हैरानी की बात यह है कि यहां के लोगों के चेहरों पर युद्ध की कोई शिकन नहीं दिख रही है.
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