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चारों और पसरा मलबा, पुल के उद्धाटन से पहले गिरा था बम... ईरान के करज ब्रिज से NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट

Iran B1 Bridge: इस ब्रिज को ईरान की अर्थव्यवस्था की जान माना जा रहा था. यह उत्तरी ईरान को सीधे मध्य ईरान से जोड़ता था. रणनीतिक रूप से यह पुल इतना अहम था कि इसी के जरिए अजरबैजान और अर्मेनिया तक का रास्ता आसान होता था.

चारों और पसरा मलबा,  पुल के उद्धाटन से पहले गिरा था बम... ईरान के करज ब्रिज से NDTV की  ग्राउंड रिपोर्ट

ईरान की इकॉनोमी की 'धमनी' कहे जाने वाले B1 ब्रिज पर आसमान से मौत बनकर बरसी मिसाइलों ने कंक्रीट के इस विशाल ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया है और ईरान के इंफ्रास्टक्चर पर बड़ा घात किया. पश्चिमी एशिया के सबसे ऊंचे और इंजीनियरिंग का अजूबा माने जाने वाले इस पुल पर हुए भीषण हमलों ने पूरे इलाके को दहला दिया है. एनडीटीवी की टीम जब करज के इस इलाके में पहुंची, तो वहां सिर्फ तबाही का मंजर दिखा.

शाहिद सुलेमानी हाईवे का हिस्सा रहा यह बी-1 ब्रिज अपनी भव्यता के लिए जाना जाता था. जमीन से 136 मीटर की ऊंचाई और 1,050 मीटर की लंबाई वाला यह पुल बिलाकान नदी के ऊपर सीना ताने खड़ा था. लेकिन 2 अप्रैल की तारीख को इस ब्रिज पर अमेरिका और इजरायली सेना के विमानों ने एक के बाद एक तीन बार हवाई हमले किए. इन सटीक हमलों ने ब्रिज की रीढ़ तोड़ दी है. इस हमले में अब तक 13 लोगों के शहीद होने की पुष्टि हुई है, जबकि 150 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

उत्तर और मध्य ईरान का संपर्क कटा

इस ब्रिज को ईरान की अर्थव्यवस्था की जान माना जा रहा था. यह उत्तरी ईरान को सीधे मध्य ईरान से जोड़ता था. रणनीतिक रूप से यह पुल इतना अहम था कि इसी के जरिए अजरबैजान और अर्मेनिया तक का रास्ता आसान होता था. युद्ध और सैन्य हलचल के लिहाज से भी इसे काफी मुफीद माना जाता था, यही वजह है कि इसे निशाना बनाकर ईरान की कमर तोड़ने की कोशिश की गई है.

शुरू भी नहीं हो पाया था ब्रिज

हैरानी की बात यह है कि इस ब्रिज का काम लगभग पूरा हो चुका था और इसी साल इसे जनता के लिए खोला जाना था. लेकिन उद्घाटन से पहले ही इस ब्रिज पर हमले हो गए.

ग्राउंड जीरो पर मौजूद एनडीटीवी की टीम ने देखा कि ब्रिज की हालत बेहद जर्जर है. सुरक्षा कारणों से हमें मलबे के करीब जाने से रोका गया है, क्योंकि स्ट्रक्चर कभी भी गिर सकता है. अब इस पुल को दोबारा खड़ा करने में ईरानी सरकार को लंबा वक्त और भारी भरकम बजट खर्च करना पड़ेगा.

आम जनता के लिए बड़ा बुनियादी ढांचा नुकसान

ईरानी सरकार के लिए यह देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ सबसे बड़ा हमला है. स्थानीय लोगों में इस हमले को लेकर भारी गुस्सा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और व्यापार को प्रभावित करेगा.

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