Delhi Noida Airport Namo Bharat Corridor Latest Update: दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाला नमो भारत का नया कॉरिडोर बनाने का ऐलान हो गया है. इसमें 11-12 स्टेशनों के बीच हाईस्पीड सफर तय होगा. इससे नमो भारत ट्रेन से दिल्ली-नोएडा हवाई अड्डे का यात्रा समय घटकर 20-21 मिनट रह जाएगा. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने ये दावा किया है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हाई स्पीड रेल योजना के तहत दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय घटकर बेहद कम होगा. उन्होंने यमुना अथॉरिटी के इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की. मंत्री ने कहा कि दिल्ली को जेवर हवाई अड्डे से जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की डीपीआर को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसे केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेज दिया गया है.
दिल्ली से जेवर तक सीधा रूट (Delhi-Noida Airport Namo Bharat)
ये हाईस्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर का रूट दिल्ली के सराय काले खां से डीएनडी फ्लाईवे (DND Flyway), नोएडा सिटी सेंटर, एनएसईजेड (NSEZ), सूरजपुर, परी चौक और यीडा (YEIDA) के सेक्टरों से गुजरते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा. इस रैपिड रेल रूट से दिल्ली के कुछ हिस्सों से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी महज 21 मिनट में पूरी होगी.गाजियाबाद से जेवर तक यह कॉरिडोर गाजियाबाद स्टेशन पर मौजूदा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से इंटरकनेक्ट होगा. मेरठ या गाजियाबाद से आने वाले यात्री बिना ट्रेन बदले या आसानी से इंटरचेंज कर जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे. गाजियाबाद से जेवर की दूरी 72 किमी है, जो करीब 40 से 50 मिनट में पूरी होगी.

Delhi Noida Airport Namo Bharat Corrodor
दिल्ली-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) नमो भारत कॉरिडोर को 22 मई को यूपी सरकार ने DPR को मंजूरी दे दी है. ये कॉरिडोर पूरे एनसीआर (NCR) में हाईस्पीड कनेक्टिविटी के लिए गेमचेंजर साबित होगा. इसे आखिरी मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) के पास भेजा गया है.दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को एक डेडिकेटेड स्टेशन के माध्यम से हवाई अड्डे के टर्मिनल से जोड़ने के लिए डीपीआर में बदलाव किए गए हैं.
इससे भविष्य में दिल्ली से लगभग 21 मिनट में कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी.जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन के बाद पूरा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र एक प्रमुख कार्गो हब के रूप में उभरेगा. यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, दिल्ली-मुंबई और गंगा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है. इससे कनेक्टिविटी हाईस्पीड होगी.
मेट्रो और रैपिड रेल एक ट्रैक पर
दिल्ली-मेरठ की तरह नमो भारत (RRTS) के ट्रैक पर रैपिड रेल और मेट्रो दोनों चलेंगी. इसके कोच की संख्या अधिक 6 से 8 होगी. नोएडा, ग्रेटर नोएडा मेट्रो के लोकल यात्रियों की सहूलियत के लिए इसी कॉरिडोर पर 3 कोच वाली लोकल मेट्रो ट्रेनें भी चलाई जाएंगी, जो हर छोटे-बड़े स्टेशन पर रुकेंगी.
नोएडा एयरपोर्ट पर बुलेट ट्रेन कनेक्शन
नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल स्टेशन पर इसे आने वाले समय में दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (Bullet Train) प्रोजेक्ट के स्टेशन से भी इंटीग्रेट किया जाएगा. इस कॉरिडोर के बनने और सराय काले खां से जुड़ने के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar) के बीच सफर आसान होगा.यीडा सिटी और फिल्म सिटी का विकास होगा. नोएडा फिल्म सिटी और यमुना एक्सप्रेसवे के औद्योगिक हब (YEIDA क्षेत्र) के बीच से गुजरेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर को भारी बूस्ट मिलेगा. जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें 15 जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है.
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