- चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 26 सीटों पर चुनाव की घोषणा की है, जिसमें 12 राज्यों में मतदान होगा.
- आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, MP, राजस्थान समेत कई राज्यों में विभिन्न संख्या में सीटों पर चुनाव होंगे.
- मौजूदा स्थिति में NDA के पास 18, कांग्रेस के पास 4, YSR कांग्रेस के पास 3 और जेडीयू के पास 1 सीट है.
चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 26 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद देश की सियासत में नए समीकरण उभरते दिखाई दे रहे हैं. 12 राज्यों में होने वाले इन चुनावों में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है, वहीं कुछ नए चेहरों की एंट्री भी तय मानी जा रही है. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह समेत केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, जिससे इन बड़े नामों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
कहां-कहां चुनाव, क्या है गणित
इन 26 सीटों के लिए आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में 4-4 सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3-3 सीटों, झारखंड में 2 सीटों पर चुनाव होगा. वहीं मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में 1-1 सीट पर वोटिंग होगी. इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 1-1 सीट पर 18 जून को उपचुनाव भी होंगे.
किसे कितना फायदा?
मौजूदा 26 सीटों में NDA के पास 18, कांग्रेस के पास 4, YSR कांग्रेस के पास 3 और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास 1 सीट है. लेकिन चुनाव के बाद गणित बदलता दिख रहा है. NDA की संख्या 18 से घटकर 17 हो सकती है. कांग्रेस 4 से बढ़कर 5 सीटों पर पहुंच सकती है. JMM को 2 सीटों का फायदा मिल सकता है. अभिनेता विजय की पार्टी TVK पहली बार राज्यसभा में एंट्री कर सकती है. NCP (अजित गुट) को भी एक सीट मिलने की संभावना है.
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राज्यवार तस्वीर
- कर्नाटक: 4 में से 3 सीट कांग्रेस, 1 बीजेपी
- मध्य प्रदेश-राजस्थान: 3 में से 2 बीजेपी, 1 कांग्रेस
- गुजरात: सभी 4 सीट बीजेपी के खाते में, कांग्रेस खाली
- आंध्र प्रदेश: 4 सीट तेलुगु देशम पार्टी को
- झारखंड: 2 सीट JMM-कांग्रेस गठबंधन को
झारखंड में कांग्रेस एक सीट के लिए हेमंत सोरेन पर दबाव बना सकती है, वहीं बीजेपी यहां क्रॉस वोटिंग के जरिए समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है.
बड़े नामों पर नजर
बीजेपी के सामने रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के लिए सीट सुनिश्चित करने की चुनौती है. खासकर पंजाब चुनाव को देखते हुए बिट्टू को राज्यसभा भेजना रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कर्नाटक से राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश से कमलनाथ का नाम चर्चा में है. सबसे दिलचस्प सवाल कर्नाटक से देवेगौड़ा को लेकर है, क्या बीजेपी उन्हें समर्थन देगी या खुद का उम्मीदवार उतारेगी.
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संसद में नया चेहरा
इन चुनावों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) पहली बार राज्यसभा में कदम रख सकती है. इससे तमिलनाडु और राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की मौजूदगी मजबूत होगी.
बड़ा राजनीतिक संदेश
अभी राज्यसभा की 244 सीटों में NDA के पास 149, विपक्ष के पास 78 और 17 सीटें अन्य दलों के पास हैं. हालांकि DMK के INDIA गठबंधन से अलग होने के बाद यह आंकड़ा और बदल सकता है. इन चुनावों के बाद न सिर्फ संख्या बल बदलेगा, बल्कि 2026-27 की राजनीति के लिए भी नए संकेत मिलेंगे.
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