- हमाम अल-हम्मामी के पास से ट्रेनीशिप के दौरान चरमपंथी मटीरियल मिला था.
- अल-हमामी को सुरक्षा के लिए जोखिम मानकर 1 साल उड़ान से रोका दिया गया था.
- सवाल उठ रहे हैं कि ओमान में रेड फ्लैग हुए शख्स को दूसरी एयरलाइन में कॉकपिट कैसे मिला.
30 सितंबर को Flydubai की फ्लाइट पर हुई घटना से जुड़ी नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में कई पहलुओं के सामने आने के बाद कहा जा रहा है कि Flydubai की फ्लाइट पर हमला रोका जा सकता था. खतरे के संकेत ओमानी पायलट के डिजिटल फुटप्रिंट्स में साफ दिख रहे थे. हमलावर को-पायलट हमाम अल-हम्मामी से जुड़े चेतावनी वाले संकेत Flydubai के कॉकपिट में सामने नहीं आए थे, बल्कि पहले से ही मौजूद थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी 2024 में ओमान एयर के साथ को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा था. न्यूज रिपोर्ट में सीनियर इंटेलिजेंस और कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उसके पास चरमपंथी मटीरियल पहले ही मिले थे. उसे सुरक्षा के लिए जोखिम माना गया और अल-हम्मामी को एक साल तक उड़ान भरने से रोक दिया गया था. लेकिन उसे एयरलाइन से हटाया नहीं गया, बल्कि प्रशासनिक भूमिका में भेज दिया गया था.
अल-हम्मामी की गई प्रोफाइल का एनालिसिस...
अल-हम्मामी की डिलीट की गई लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उसने बाद में Royal Air Maroc के लिए काम किया और करीब आठ महीने से Flydubai के लिए काम कर रहा था. CNN ने अल-हम्मामी से जुड़े एक अकाउंट से डिलीट की गई करीब 3,000 पोस्ट का एनालिसिस किया, जिससे और भी बातें सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 और 2022 की इन पोस्ट में उनके बेहद रूढ़िवादी धार्मिक विचार दिखाई दिए. उसकी पोस्ट में महिला-पुरुषों के एक साथ काम करने वाली जगहों की आलोचना की गई थी, जिसमें लिखा था कि उसे ऐसी पत्नी चाहिए, जो नकाब पहने और शादी के बाद काम करना छोड़ दे.
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जांच अधिकारी उसके डिजिटल फुटप्रिंट के एक बहुत ज्यादा गंभीर पहलू की जांच कर रहे हैं.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी के नाम और तस्वीरों वाले अकाउंट्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में कॉकपिट का फुटेज भी शामिल था. एक वीडियो में दुबई एयरपोर्ट पर इजरायली एयरलाइन 'एल अल' (El Al) का एक विमान दिखाई दिया. लेकिन वीडियो का अंत अल-कायदा से जुड़े दो लोगों की तस्वीरों के साथ हुआ. वीडियो में अल-कायदा का पूर्व नेता अयमान अल-जवाहिरी और 2009 के आत्मघाती हमले में शामिल हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें थीं. 2009 के आत्मघाती हमले में CIA के सात अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स सहित कुल नौ लोगों की मौत हुई थी. बाद में इन अकाउंट्स को डिलीट कर दिया गया.
जांच अधिकारी अब ओमान एयर में काम करने के दौरान मिले चरमपंथी मटीरियल की पुरानी रिपोर्ट के साथ-साथ पूरे डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं. और यहीं पर सवाल और भी बड़े हो जाते हैं.
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कैसे मिल गई दूसरी नौकरी?
ओमान एयर ने सुरक्षा कारणों से जिसे कथित तौर पर उड़ान भरने से रोका था, उसे बाद में कमर्शियल फ्लाइंग की दूसरी नौकरी कैसे मिल गई? क्या Flydubai को ओमान एयर वाली घटना के बारे में पता था? क्या अधिकारियों के बीच यह जानकारी शेयर की गई थी? क्या यूएई के अधिकारियों ने सिक्योरिटी की सही ढंग से जांच की थी? और अगर की थी, तो उन्हें क्या पता चला?
क्या उसकी भर्ती या सुरक्षा जांच के दौरान उसके किसी डिजिटल रिकॉर्ड से रेड फ्लैग मिला था? उसकी तस्वीर के ऊपर मोटे अक्षरों में 'HAMAM ALHAMMAMI' लिखा है. ओमान में उड़ान भरने पर रोक लगने के बाद, उसे उड़ने की दूसरी नौकरी कैसे मिली? क्या फ्लाईदुबई को ओमान एयर में उसके इतिहास के बारे में पता था?
क्या कभी उसके सोशल मीडिया की जांच की गई थी? क्या चेतावनी के संकेतों को नजरअंदाज कर दिया गया था? और सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या फ्लाइट FZ1073 पर हुए हमले को रोका जा सकता था?
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