Kanwar Yatra 2026: उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा का 'मास्टर प्लान' तैयार हो चुका है. कांवड़ मार्ग के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिलों की कमान 4 जांबाज IPS अफसरों को सौंपी गई है.
बता दें कि सावन माह आगामी 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा. सावन में उत्तराखंड से कांवड़ियों की टोली गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलेगी, जो हरिद्वार से कांवड़ यात्रा की शुरुआत के अलावा मुजफ्फरपुर, मेरठ और गाजियाबाद होते हुए हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान में पहुंचेगी.
गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़, मेरठ SSP अविनाश पांडे, मुजफ्फरनगर SSP संजय कुमार वर्मा और हरिद्वार SSP नवनीत सिंह भुल्लर इस बार कांवड़ यात्रा के सुरक्षा चक्र की मुख्य धुरी होंगे. आइए जानते हैं इन चारों IPS अफसरों के बारे में.
IPS नवनीत सिंह भुल्लर: हरिद्वार में कांवड़ की ऊंचाई को लेकर सख्त रुख
हरिद्वार के एसएसपी आईपीएस नवनीत सिंह भुल्लर (2015 बैच) ने बरसात के मौसम को देखते हुए कांवड़ियों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए हैं. इसके तहत पैदल कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 6 फीट और झांकी कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट तक ही सीमित रखी गई है.
दरअसल, बारिश में कांवड़ गीली होने के कारण सड़कों के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइनों से करंट उतरने का गंभीर जोखिम रहता है. पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार इन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा. हरिद्वार पुलिस का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल देकर यात्रा को सुरक्षित बनाना है.
IPS संजय कुमार वर्मा: मुजफ्फरनगर में सुविधाओं और निगरानी पर जोर
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जिले में कांवड़ सेवा शिविर संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने कांवड़ मार्गों और शिविरों में पर्याप्त रोशनी, पीने का पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ, अग्निशमन तंत्र और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं. इसके अलावा, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थाई थाने गठित किए जा रहे हैं और डीजे संचालकों को भी कड़े शब्दों में हिदायत दी गई है.
IPS अविनाश पांडे: मेरठ में अस्थाई चौकियों से 24 घंटे पहरा
मेरठ की कमान 2015 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडे के हाथों में है. लखीमपुर खीरी के मूल निवासी अविनाश पांडे इससे पहले प्रयागराज महाकुंभ, गाजियाबाद, लखनऊ, पीलीभीत और मऊ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए 'कमेंडेशन डिस्क' (सिल्वर व गोल्ड मेडल) से सम्मानित हैं. मेरठ में यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने पूरे कांवड़ मार्ग पर 9 अस्थाई चौकियाँ स्थापित की हैं, ताकि पुलिस बल 24 घंटे स्थिति पर पैनी नजर रख सके.
IPS जे. रविंद्र गौड़: गाजियाबाद में अंतरराज्यीय मार्गों पर कड़ी चौकसी
गाजियाबाद कमिश्नरेट की जिम्मेदारी 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी जे. रविंद्र गौड़ संभाल रहे हैं. आंध्र प्रदेश के रहने वाले जे. रविंद्र गौड़ पूर्व में आगरा के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार किया है. वे खुद धरातल पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और पूरे जिले में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है.
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