Haridwar Kanwar Yatra 2026: हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होगी. कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है. देश भर से उमड़ने वाले करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा और सुगम यात्रा की पूरी कमान हरिद्वार के एसएसपी IPS नवनीत सिंह भुल्लर के हाथों में होगी. 11 अगस्त 2026 को महाशिवरात्रि के मुख्य जलाभिषेक तक चलने वाले इस महामेले के लिए हरिद्वार पुलिस पूरी तरह से 'गियर अप' हो चुकी है.
एनडीटीवी से बातचीत में उत्तराखंड पुलिस में SPS 2015 बैच के आईपीएस नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि हरिद्वार पुलिस का मुख्य उद्देश्य शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं देना है, ताकि वे सकुशल जल भरकर अपने गंतव्यों को प्रस्थान कर सकें. इसके साथ ही, यात्रा के दौरान शांति, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरिद्वार पुलिस की ओर से कांवड़ियों के लिए एक आवश्यक अपील और सख्त गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं.
कांवड़ की ऊंचाई तय
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए कांवड़ की ऊंचाई को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं. पैदल कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 06 फीट निर्धारित की गई है. वहीं, कांवड़ झांकी की ऊंचाई अधिकतम 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. बारिश की वजह कांवड़ गीली हो जाती है. यदि ऊंचाई तय सीमा से अधिक होगी, तो ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन विद्युत लाइनों से टकराने और करंट आने का गंभीर खतरा रहता है. पूर्व के वर्षों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए इस नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा.
हथियार, डंडे और बेसबॉल बैट पर पूर्ण प्रतिबंध
एसएसपी भुल्लर के अनुसार हरिद्वार कांवड़ यात्रा 2026 का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है, न कि अशांति या तनाव फैलाना. मर्यादा भंग करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी. मेले क्षेत्र में नुकीले भाले, त्रिशूल, तलवार, डंडे और बेसबॉल बैट जैसी चीजें लाना पूर्णतः प्रतिबंधित है. इसके साथ ही भोले की नगरी में शराब और किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन करके प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. यात्रा के दौरान आपसी विवाद, मारपीट या हुड़दंग करने वालों के खिलाफ तत्काल विधिक (कानूनी) कार्रवाई की जाएगी.
साइलेंसर मॉडिफिकेशन और जुगाड़ वाहनों पर 'नो टॉलरेंस'
पैदल चल रहे शिवभक्तों और आम जनता की सुविधा के लिए पुलिस ने यातायात नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. मोटरसाइकिलों में रेट्रो साइलेंसर (पटाखा छोड़ने वाले या तेज आवाज वाले साइलेंसर) का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. इससे पैदा होने वाले ध्वनि प्रदूषण से पैदल कांवड़ियों को भारी असुविधा होती है. इसके अलावा, कांवड़ यात्रा में जुगाड़ वाहनों के संचालन पर भी पूरी तरह रोक रहेगी.
रेल यात्रियों के लिए चेतावनी और ID रखना अनिवार्य
हरिद्वार पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने साथ एक वैध पहचान पत्र अवश्य रखें. इसके साथ ही, बड़ी संख्या में रेलमार्ग से आने वाले यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठकर यात्रा करना कानूनन अपराध है. ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
"हम स्वागत के लिए तैयार हैं, आप सहयोग करें"-एसएसपी भुल्लर
कांवड़ियों का हरिद्वार में हार्दिक स्वागत करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि "हरिद्वार पुलिस प्रशासन शिवभक्तों के सहयोग और उन्हें हर संभव सुविधा देने के लिए पूरी तरह तैयार है. ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एक विशेष प्लान तैयार कर अतिरिक्त बल लगाया जा रहा है. मेरा देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि इस पूरे महापर्व को हम सब मिलकर हंसी-खुशी, सुरक्षित और अनुशासित तरीके से सफल बना सकें."
यह भी पढ़ें- IAS रवि सिहाग-पत्नी आईएएस इशिता राठी को एक साथ पोस्टिंग, प्रेम विवाह के बाद 3271 KM की दूरी खत्म
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं