- आईएएस अस्मिता लाल बागपत की 31वीं जिलाधिकारी हैं और उनकी अनूठी कार्यशैली व्यापक प्रशंसा में है
- सावन 2026 में कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया
- उन्होंने मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेकर अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का सामाजिक संदेश दिया
IAS Asmita Lal Baghpat DM: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की 31वीं जिलाधिकारी और 2015 बैच की आईएएस अधिकारी अस्मिता लाल इस समय अपनी अनूठी कार्यशैली और मानवीय पहलों के कारण जबरदस्त चर्चा में हैं. सावन 2026 में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करने का उनका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब सराही जा रही हैं. हालांकि, उनकी पहचान केवल प्रशासनिक औपचारिकताओं तक सीमित नहीं है; वे अपने संवेदनशील फैसलों और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं.

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मरणोपरांत नेत्रदान कर बनीं मिसाल
मीडिया की खबरों के अनुसार आईएएस अस्मिता लाल ने मरणोपरांत अपनी आंखें दान करने का संकल्प लेकर समाज के सामने एक मिसाल पेश कर चुकी हैं. ऐसा सार्वजनिक संकल्प लेने और अंगदान को बढ़ावा देने वाली वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला कलेक्टरों में से एक हैं. इस पहल पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "अपनी आंखों से किसी और के जीवन में रोशनी लाने से बड़ा कोई दान नहीं हो सकता." उनके इस कदम का उद्देश्य आम जनता को अंगदान के प्रति जागरूक करना और भ्रम को दूर करना है.
आज #आस्था के पथ कांवड़ यात्रा मार्ग का हेलीकॉप्टर द्वारा सर्वेक्षण कर जनपद #बागपत के प्रमुख मंदिर श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर, कांवड़ शिविरों, प्रवेश बिंदुओं आदि पर विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त श्रद्धालुओं का #पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। #Baghpat #PuraMahadev pic.twitter.com/teUEao6Ix8
— DM Baghpat (@BagpatDm) August 8, 2026
जब खुद खतौनी खिड़की पर बैठ गईं डीएम
अस्मिता लाल की कार्यशैली का एक उदाहरण बागपत तहसील दिवस के दौरान देखने को मिला. फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद वे अचानक तहसील के निरीक्षण पर निकल गईं और सीधे खतौनी खिड़की पर जा पहुंचीं. वहां कर्मचारियों से व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने खुद कंप्यूटर संभाला और लाइन में खड़े किसानों को अपने हाथों से खतौनी के दस्तावेज सौंपे. प्रशासनिक अधिकारी का यह रूप देखकर किसान काफी प्रभावित हुए.

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कौन हैं आईएएस अस्मिता लाल?
दिल्ली की रहने वाली अस्मिता लाल का शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में बी.ए. और प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में एमए किया है. मसूरी में ट्रेनिंग के बाद वे अलीगढ़ में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, मुरादाबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट, लखनऊ में शासन में विशेष सचिव, गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी तथा यूपी सीडा में एसीईओ के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.
गाजियाबाद में विशेष कार्य: IAS अस्मिता लाल ने गाजियाबाद में सीडीओ पद पर रहते हुए उन्होंने पशु स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण स्थापित करवाए थे. जनसेवा के प्रति निष्ठा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव के कारण आईएएस अस्मिता लाल न केवल अपने सहकर्मियों बल्कि आम जनता के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं.
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