- जोधपुर जिले के ओसियां के सरकारी स्कूल में शिक्षक मोहनराम ईशरवाल के तीन बच्चे सरकारी सेवाओं में सफल हुए हैं
- मोहनराम ईशरवाल के बेटे शिव पाल सिंह ने UPSC CAPF परीक्षा पास कर CISF में असिस्टेंट कमांडेंट बनेंगे
- उनके दूसरे बेटे शिशुपाल सिंह का चयन मुंबई कस्टम में प्रिवेंटिव ऑफिसर के पद पर हुआ है
Success Story Rajasthan: एक पिता के लिए जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार उसकी संतान की सफलता होती है, और जब एक ही छत के नीचे से तीन-तीन वर्दीदारी अफसर निकलें, तो गर्व का सीना चौड़ा होना स्वाभाविक है. राजस्थान के जोधपुर जिले के ओसियां स्थित सरकारी स्कूल एकलखोरी में सेकंड ग्रेड टीचर मोहनराम ईशरवाल के घर आज खुशियों का महासागर उमड़ पड़ा है. एक शिक्षक के रूप में दूसरों के बच्चों का भविष्य संवारने वाले मोहनराम जी ने अपने खुद के घर में भी सफलता की ऐसी इबारत लिखी है, जो आज पूरे राजस्थान और देश के लिए मिसाल बन चुकी है.
अपने तीन बच्चों की सक्सेस स्टोरी को खुद मोहनराम ईशरवाल ने अपनी फेसबुक पोस्ट में शेयर किया है. सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि तीन-तीन वर्दीधारी बच्चों का पिता होना उनके लिए सौभाग्य और गर्व की पराकाष्ठा है. उनकी इस फेसबुक पोस्ट के अनुसार, परिवार के तीनों बच्चों ने देश की अग्रिम सेवाओं में अपनी जगह बनाई है.

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शिक्षक मोहनराज ईशरवाल का इंटरव्यू
NDTV में खास बातचीत में मोहनराम ईशरवाल ने बताया कि उनके पांच बच्चे हैं. उनमें से तीन सरकारी नौकरी लग चुके हैं. यह मेरे और परिवार के लिए गर्व की बात है. बेटे शिव पाल सिंह का चयन UPSC CAPF (AC) परीक्षा में हुआ है. वह CISF में असिस्टेंट कमांडेंट बनने जा रहा है. दूसरे बेटे शिशुपाल सिंह का चयन CBIC में प्रिवेंटिव ऑफिसर (मुंबई कस्टम) के पद पर हुआ है. बेटी गीता पहले से ही राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पद पर जोधपुर में सेवाएं दे रही है. मोहनराम ईशरवाल ने बताया कि वे खुद शिक्षक हैं.इसलिए शिक्षा का महत्व बखूबी जानते हैं. उन्होंने पांचों बेटे-बेटियों को पढ़ने-लिखने का भरपूर अवसर दिया और नतीजा हम सबके सामने है.
सोशल मीडिया पर मिल रही बधाई
मोहनराम ईशरवाल की यह सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है. 8 अगस्त 2026 को शेयर की इस पोस्ट पर महज पांच घंटे 911 लाइक और 252 कमेंट आ चुके हैं. फेसबुक पर जैसे ही मोहनराम जी ने यह पोस्ट डाली, बधाई देने वालों का तांता लग गया. एक साधारण शिक्षक की इस असाधारण उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और संस्कारों के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है.
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