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IPS धवल जायसवाल: पहले 146 बदमाशों का एनकाउंटर, अब कांवड़ियों का जीता दिल; देखें VIDEO

IPS धवल जायसवाल यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने सावन में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाकर दिल जीत लिया. 146 से ज्यादा बदमाशों का एनकाउंटर करने वाले 2016 बैच के इस तेज-तर्रार अफसर के संघर्ष, प्रोफेसर बनने और आईपीएस बनने की पूरी कहानी पढ़ें.

IPS धवल जायसवाल: पहले 146 बदमाशों का एनकाउंटर, अब कांवड़ियों का जीता दिल; देखें VIDEO
IPS धवल जायसवाल हैलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रा के मार्गों का हवाई निरीक्षण किया.
  • IPS धवल जायसवाल गाजियाबाद के DCP सावन में कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा कर रहे हैं
  • नौ साल के करियर में UP के विभिन्न जिलों में 146 से अधिक अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके हैं
  • बचपन में पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां ने संघर्ष कर उन्हें शिक्षित किया और वे सुल्तानपुर के निवासी हैं

IPS Dhawal Jaiswal: उत्तर प्रदेश पुलिस में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस अधिकारी धवल जायसवाल ने सावन में कांवड़ियों का दिल जीत लिया है. 2016 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के तेज-तर्रार अधिकारी धवल जायसवाल वर्तमान में गाजियाबाद के डीसीपी पद पर तैनात हैं. उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल भरकर गाजियाबाद होते हुए शिवालयों की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों पर आईपीएस जायसवाल ने हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.

गाज‍ियाबाद पुल‍िस के अनुसार IPS धवल जायसवाल पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा 9 अगस्‍त की सुबह सरकारी हैलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रा मार्गों का हवाई निरीक्षण किया गया. इस दौरान पाइपलाइन मार्ग, गंगनहर पटरी मार्ग, मुरादनगर गंगनहर घाट तथा राजचौपला एवं उसके आसपास पुष्प वर्षा की गई.

आईपीएस धवल जायसवाल की सक्‍सेस स्‍टोरी

आईपीएस धवल जायसवाल के संघर्ष और कामयाबी की कहानी जितनी शानदार है, उतनी ही बेहतरीन उनकी पुलिसिंग भी है. उन्होंने महज 9 साल के करियर में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 146 से ज्यादा बदमाशों का एनकाउंटर कर उन्हें मिट्टी में मिलाया. यूपी में माफिया आज इनके नाम से खौफ खाते हैं. आइए जानते हैं आईपीएस धवल जायसवाल की पूरी कहानी. 

बचपन में उठा पिता का साया, मां ने संघर्षों से बनाया काबिल

गाजियाबाद में डीसीपी सिटी पद पर तैनात आईपीएस बने धवल जायसवाल ने बचपन में ही अपने पिता को खो दिया था. जब ये महज पांच साल के थे, तब इनके व्यवसायी पिता नंद किशोर जायसवाल का एक हादसे में निधन हो गया था. उसके बाद मां माया देवी ने न केवल घर-परिवार की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि बेटे धवल जायसवाल को खूब पढ़ाया-लिखाया और काबिल भी बनाया. यह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर में नगर क्षेत्र चौक के रहने वाले हैं.

सरस्वती शिशु मंदिर से पढ़ाई, JNU में पाया गोल्ड मेडल

आईपीएस धवल जायसवाल का जन्म 16 जनवरी 1988 को हुआ था. इनकी शुरुआती शिक्षा सुल्तानपुर शहर के सरस्वती शिशु मंदिर से हुई. साल 2004 में सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल और साल 2006 में इंटरमीडिएट करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज आ गए. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से साल 2009 में बी.ए. (BA) और उसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली से एम.ए. (MA) किया. इस दौरान उन्होंने हिंदी साहित्य में गोल्ड मेडल हासिल किया और फिर जेआरएफ (JRF) क्वालीफाई किया.  

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ips dhawal Jaiswal मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर में नगर क्षेत्र चौक के रहने वाले हैं. Photo-ghaziabad police

प्रोफेसर से बने IPS: बिना कोचिंग पास की UPSC परीक्षा

जेआरएफ करने के बाद वह दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बने और इसी दौरान दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी. उन्होंने बिना किसी कोचिंग के तैयारी की. अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी-2015 की परीक्षा में सफलता मिली और होम कैडर उत्तर प्रदेश में आईपीएस बने. LBSNAA और SVPNPA में ट्रेनिंग के बाद साल 2018 में उनकी पहली पोस्टिंग प्रयागराज में हुई.  

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ips dhawal Jaiswal kanwar yatra ghaziabad dcp encounter specialist UP Police Photo-ghaziabad police

अवैध तेल माफियाओं पर नकेल से लेकर DGP मेडल तक का सफर

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी बनने से पहले आईपीएस धवल जायसवाल ने मेरठ, प्रयागराज और उन्नाव में अपनी सेवाएं दीं. वह चित्रकूट, कुशीनगर और फतेहपुर के एसपी भी रहे. साल 2019 में बतौर एएसपी मेरठ में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सबसे बड़े मिलावटी तेल गैंग का पर्दाफाश कर माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया था. उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इन्हें डीजीपी के सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा साल 2019 में कुंभ सेवा मेडल और डीजीपी के प्लैटिनम व गोल्ड मेडल भी मिल चुके हैं.  

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