- सीतापुर के युवक ने 25 महिलाओं को शादी का झांसा देकर ठगा
- बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी के साथ भी हुआ धोखा
- ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक शख्स ने एक-दो नहीं बल्कि 25 महिलाओं को शादी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर ली. यह शख्स अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के जरिए महिलाओं को फंसाता था. यही नहीं, उसने भाजपा विधायक को भी अपने जाल में फंसा लिया. सीतापुर की सेवता विधानसभा से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने भी दो साल पहले इसी युवक से अपनी बेटी की शादी की थी, लेकिन अब उन्हें एहसास हो गया है उनके साथ धोखा हुआ है.
दरअसल, भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने बीते गुरुवार को फेसबुक पर लाइव आकर अपनी बेटी की शादी को लेकर बड़ा बयान दिया. करीब चार मिनट के इस लाइव में विधायक अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ दिखाई दिए और भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर से पूरी जानकारी लेने के बाद की थी, लेकिन अब उन्हें महसूस हो रहा है कि उनके परिवार के साथ धोखा हुआ है.
विधायक ने कहा, ''2024 में शादी हुई और उससे पहले हमारा उस परिवार से कोई परिचय भी नहीं था. इसी कारण मैं अपनी बेटी से भी कह रहा हूं कि वह अनुज त्रिवेदी के खिलाफ यह कहते हुए मुकदमा दर्ज कराए कि उसके साथ भी धोखा हुआ है. मैं फिर कहना चाहता हूं कि ऐसे दुराचारी लोग, जिन्होंने महिलाओं का सम्मान नहीं किया, महिलाओं को ठगा या उनके साथ गलत किया, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. यही मेरी मांग है. वह अभी सलाखों के पीछे है. उसके खिलाफ कार्रवाई हो रही है. जहां तक मेरा सवाल है, मेरा उस परिवार से अब कोई लेना-देना नहीं है.''
पीड़िताओं ने कहा- 'यूपी का रावण'
अनुज त्रिवेदी मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव का रहने वाला है. अनुज पर महाराष्ट्र, प्रयागराज समेत कई राज्यों में महिलाओं से शादी कर ठगी करने के आरोप हैं. उसके खिलाफ अलग-अलग जगह मुकदमे दर्ज हैं. पीड़िताओं ने अनुज को 'यूपी का रावण' बताते हुए आरोप लगाया कि वह अलग-अलग पहचान बताकर महिलाओं से शादी करता था. उनसे लाखों रुपए और जेवर ठग लेता था. महिलाओं ने बताया कि अनुज अपने बेटे प्रखर त्रिवेदी को 'अविरल' नाम से परिचित कराता था.
24 मई को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया
महाराष्ट्र पुलिस ने अनुज त्रिवेदी को 24 मई को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था. उस समय वह चंद्रप्रकाश त्रिवेदी के नाम से फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था. उस पर वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को शादी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का आरोप है. अनुज की गिरफ्तारी के बाद तीन पीड़ित महिलाएं चंद्रावल पहुंचीं. आरोपी की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के बाद एडीएम आयुष चौधरी को ज्ञापन देकर उन्हें जब्त करने की मांग की.

पुलिस के मुताबिक, अनुज ने अजय अग्रवाल, अजय, संतोष सिंह, जयप्रकाश और रमेश चंद्र गुप्ता समेत कई नामों का इस्तेमाल कर महिलाओं से ठगी की. मामले की शुरुआत 4 मार्च, 2022 को हुई, जब महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर थाने में 75 साल की महिला ने शिकायत दर्ज कराई. महिला ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के जरिए उनकी 45 साल की बेटी से संपर्क किया. 1 मार्च, 2019 को उससे शादी कर धोखाधड़ी की.
गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
बता दें कि अनुज त्रिवेदी लखनऊ में एक सिक्योरिटी गार्ड की एजेंसी चलाते थे, जिसके बाद वह नोएडा चले गए. नोएडा में रियल स्टेट कारोबार शुरू किया और फिर अनुज और उनके बेटे प्रखर दोनों ने ऑनलाइन शादी के कारोबार में शामिल हो गए. इसके बाद तरह-तरह के नाम रखकर अपनी कई शादियां रचाईं. यह खुलासा तब हुआ जब महिला ने थाने में शिकायत की और पुलिस ने अनुज त्रिवेदी को गिरफ्तार किया.
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