महंगाई के दौर में सिर्फ कमाई बढ़ाना ही काफी नहीं होता है, बल्कि अपने खर्चों पर कंट्रोल करना भी काफी जरूरी है. हम में से कई लोग अच्छी इनकम के बावजूद लास्ट-मंथ तक पैसों की तंगी का सामना करते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण खर्च करने की खराब आदतें होती हैं. अगर आप बिना सोचे-समझे खरीदारी कर लेते हैं या बजट का पालन नहीं कर पाते, तो आपको कुछ आसान से टिप्स को अपनाना चाहिए. इससे आर्थित स्थिति को मजबूत किया जा सकता है. यहां जानते हैं विस्तार से-
कैसे पहचानें कि आपके खर्च करने की आदत हो चुकी है?
इसके लिए आपको सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि परेशानी कहां आ रही है. हम में से कई लोग अक्सर सेल देखकर तुरंत खरीददारी कर लेते हैं, क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, स्ट्रेस दूर करने के लिए शॉपिंग करते हैं या बजट बनाने के बाद भी उसका पालन नहीं करते, तो इन संकेतों से समझ जाएं कि आपको खर्च करने की खराब आदत हो गई है.
कैसे करें खर्च करने की खराब आदत को कंट्रोल?
अगर आप खर्च करने की खराब आदत को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-
1. खर्च बढ़ाने वाले ट्रिगर्स की करें पहचानें
अपने आप से सवाल पूछें कि आप सबसे ज्यादा पैसा कब और कहां खर्च करते हैं. क्या आप बोरियत, स्ट्रेस या अपनी उदासी में ज्यादा खरीददारी करते हैं? क्या ऑनलाइन शॉपिंग, बाहर खाना या एंटरटेनमेंट पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च होता है? इन ट्रिगर्स को पहचानना फिजूलखर्ची रोकने का पहला कदम है.
2. बनाएं क्लियर बजट
अपने हर महीने की इनकम और खर्च का पूरा हिसाब अच्छे से रखें. घर का राशन, किराया, बिजली का बिल, एंटरटेनमेंट और अन्य खर्चों की सीमा फिक्स करें. ध्यान रखें कि एक अच्छा बजट आपको पैसे की बेहतर प्लानिंग करने में मदद करता है.
3. 30 दिन का नियम अपनाएं
अगर कोई महंगी चीज खरीदने का मन हो तो तुरंत खरीदने के बजाय 30 दिन इंतजार करें. इस दौरान आप तय कर पाएंगे कि वह चीज वास्तव में जरूरत है या सिर्फ एक इच्छा. इससे आवेग में की गई खरीदारी कम हो सकती है.
4. बचत को ऑटोमेट करें
सैलरी आते ही एक तय रकम बचत या इंवेस्टमेंट अकाउंट में ट्रांसफर कर दें. जब बचत पहले हो जाएगी, तो फिजूल खर्च के लिए कम पैसा बचेगा और धीरे-धीरे फाइनेंसियल आदत डेवलेप होगी.
5. फिजूलखर्ची की जगह अच्छी आदतें अपनाएं
अगर आप तनाव दूर करने के लिए खरीदारी करते हैं, तो उसकी जगह व्यायाम, पढ़ाई, मेडिटेशन या दोस्तों से बातचीत जैसे विकल्प अपनाएं. इससे मानसिक राहत भी मिलेगी और पैसों की बचत भी होगी.
6. अपने प्रोग्रेस पर नजर रखें
हर महीने देखें कि आपने कितना खर्च कम किया और कितनी बचत बढ़ाई. छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे होने पर खुद को प्रोत्साहित करें. इससे आप लंबे समय तक अपने वित्तीय लक्ष्यों पर टिके रह पाएंगे.
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