RBI New FD Rules: भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियम के तहत अब सभी बैंक शाखाओं में एक दिन ली जाने वाली समान राशि की FD पर समान ब्याज दर देना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, तीन करोड़ रुपये या उससे अधिक की बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposits) के लिए रोजाना सुबह 10:00 बजे रेट जारी करने का नया नियम बनाया गया है.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए पारदर्शिता और एकरूपता लाना है. यह नया नियम सभी कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रीजनल रूरल बैंक (RRB), लोकल एरिया बैंक, पेमेंट्स बैंक और अर्बन को ऑपरेटिव बैंकों पर लागू होगा.
ये तीन बड़े बदलाव किए गए हैं
- शाखाओं के बीच एकरूपता यानी किसी भी बैंक की अलग-अलग शाखाओं में एक ही दिन कराई गई समान राशि और अवधि की FD पर अलग अलग ब्याज दरें नहीं दी जा सकती हैं.
- वेबसाइट पर एडवांस रेट डिस्क्लोजर यानी बैंकों को अपनी ब्याज दरों की सूची पहले से ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करनी होगी.
- बल्क डिपॉजिट का नया समय व लिक्विडिटी नियम यानी बड़े जमाकर्ताओं के लिए रेट रोज़ाना सुबह 10:00 बजे तक वेबसाइट पर पब्लिश करना अनिवार्य कर दिया गया है.
देशभर की हर शाखा में समान ब्याज दर
अक्सर देखा जाता था कि कुछ बैंक शाखाएं रिलेशनशिप या अलग बात-चीत के आधार पर ग्राहकों को अलग ब्याज दरें ऑफर कर देती थीं. लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक अगर कोई ग्राहक एक ही बैंक की दो अलग-अलग शाखाओं में एक ही दिन समान राशि की FD कराता है, तो दोनों को एक समान ब्याज दर ही मिलेगी. यानी अब बैंक किसी भी ग्राहक के साथ एक ही राशि और अवधि के जमा पर पक्षपात नहीं कर सकेंगे.
आम एफडी निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?
- अगर आपने एक अक्टूबर 2026 से पहले एफडी कराई है, तो उसकी परिपक्वता तक तय ब्याज दर ही मिलती रहेगी.
- आरबीआई के इस फैसले से एफडी की ब्याज दरों में सीधे तौर पर कोई बढ़ोतरी या कटौती नहीं होगी. बैंक अपने फंड की लागत और बाजार स्थिति के आधार पर ही दरें तय करेंगे.
- अब रेट्स की पुष्टि के लिए बैंक शाखा के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; वेबसाइट पर उपलब्ध रेट्स ही अंतिम और प्रामाणिक माने जाएंगे.
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बल्क डिपॉजिट और LCR फ्रेमवर्क के लिए भी नए नियम
भारतीय रिजर्व बैंक ने अनुसूचित कमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए 3 करोड़ रुपये और उससे अधिक की राशि को बल्क डिपॉजिट के रूप में वर्गीकृत किया है. इसके लिए बैंकों को हर दिन सुबह 10:00 बजे तक 10 मिनट के ग्रेस पीरियड यानी 10:10 AM तक अपने बल्क एफडी के रेट्स वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे. हालांकि, बैंकों को लिक्विडिटी रिस्क के आधार पर अलग-अलग बल्क डिपॉजिट्स के लिए अलग-अलग ब्याज दरें तय करने की छूट दी गई है. एनआरआई रुपये जमा पर भी यही नियम लागू होगा.
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