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एशियन पैरा गेम्स दूसरा दिन: आज भारत ने कितने पदक जीते, किस इवेंट में कैसा रहा प्रदर्शन

पैरा एशियन गेम्स के दूसरे दिन भारत के पदकों की संख्या 35 हो गई है. टीम इंडिया के लिए आज गोल्ड की बारिश हुई है.

एशियन पैरा गेम्स दूसरा दिन: आज भारत ने कितने पदक जीते, किस इवेंट में कैसा रहा प्रदर्शन
एशियन पैरा गेम्स दूसरा दिन: भारत के पदकों की संख्या 35 हुई

मंगलवार को एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियन पैरा गेम्स में पांच स्वर्ण पदक जीते. इस दौरान निषाद कुमार और दीप्ति जीवनजी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि नए खिलाड़ियों ने भी भविष्य के लिए अच्छी संभावनाएं दिखाईं. मंगलवार को भारत के खाते में आए सभी स्वर्ण पदक एथलेटिक्स से ही मिले, जिनमें निषाद कुमार सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे.

सोमवार को T47 लॉन्ग जंप में स्वर्ण जीतने के बाद, उन्होंने हाई जंप में भी पहला स्थान हासिल किया. ऐसा करने वाले वे इतिहास के केवल तीसरे भारतीय बन गए हैं, जिन्होंने एक ही पैरा एशियन गेम्स में दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता हो. उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गेम्स रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. दूसरे दिन के अंत तक, भारत 35 पदकों (9 स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य) के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर है. इनमें से 20 पदक एथलेटिक्स से आए हैं.

दीप्ति जीवनजी ने दिन की शुरुआत में ही शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर महाद्वीप में अपना दबदबा कायम रखा. इस दौरान उन्होंने 56.36 सेकंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया. T20 क्लासिफिकेशन में वे एथलीट आते हैं जिन्हें बौद्धिक अक्षमता होती है. उन्हें जानकारी समझने, एकाग्रता बनाए रखने और रेस की रणनीतियों को लागू करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

तेलंगाना की रहने वाली 23 वर्षीय दीप्ति पूर्व विश्व चैंपियन हैं और उन्होंने 2024 पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता था. स्वर्ण पदकों का सिलसिला यहीं नहीं रुका. दृष्टिबाधित सिमरन (महिलाओं की 200 मीटर T12), व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले प्रणव सूरमा (F51/52/53 डिस्कस थ्रो) और देवेंद्र कुमार (F44/64 डिस्कस थ्रो) ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए.

पैरालंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सिमरन ने यहां शाकाहारी भोजन के सीमित विकल्पों के कारण हुई थकान को पीछे छोड़ते हुए 24.80 सेकंड का समय निकाला और गेम्स रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसी स्पर्धा में, पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहीं तेजलबेन दामोर ने 25.23 सेकंड के अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता. यह स्पर्धा आंशिक रूप से दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए थी. शूटिंग रेंज, टेबल टेनिस प्रतियोगिता, तैराकी और पावरलिफ्टिंग से भी कई पदक मिले, लेकिन एथलेटिक्स ने भारत के कुल प्रदर्शन में सोने की चमक जोड़ दी.

शूटिंग और पावरलिफ्टिंग में रजत पदक

मनीष नरवाल ने रजत पदक जीता और भारत के लिए 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक का कोटा पक्का किया. वहीं, पहली बार हिस्सा ले रहीं सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता. इस तरह, पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धाओं में भारतीय निशानेबाजों ने कुल दो पदक हासिल किए.

प्रतियोगिता के दो दिनों के बाद, भारतीय शूटिंग दल के पदकों की संख्या चार हो गई है - जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल है.

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ के रहने वाले मनीष नरवाल - जो 2024 पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक विजेता और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं - ने फाइनल में 233.7 का स्कोर किया और दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू के बाद दूसरे स्थान पर रहे.

पावरलिफ्टिंग में भी एक रजत पदक मिला. पुरुषों की 65 किलोग्राम स्पर्धा में अशोक कुमार मलिक दूसरे स्थान पर रहे. उन्होंने पिछले संस्करण के अपने कांस्य पदक को बेहतर करते हुए इस बार रजत पदक जीता.

सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले 37 वर्षीय अशोक कुमार मलिक, जिन्हें बचपन में पोलियो हो गया था, ने अधिकतम 192 किलोग्राम वजन उठाया.

टेबल टेनिस और तैराकी में कांस्य पदक

भारतीय तैराकों हिमांशु नंदल और निरंजन मुकुंदन ने देश के पदकों की संख्या में दो कांस्य पदक और जोड़ दिए. 22 वर्षीय हिमांशु, जो ऑप्टिक नर्व फेलियर के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन हैं, ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में 5:10.91 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया. इस स्पर्धा में कुल चार तैराक शामिल थे. इसके बाद, निरंजन मुकुंदन ने पुरुषों की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले SM7 स्पर्धा को 2:57.01 के समय में पूरा करते हुए कांस्य पदक जीता.

टेबल टेनिस प्रतियोगिता में, रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने इतिहास रच दिया. वे 'स्टैंडिंग कैटेगरी' (खड़े होकर खेलने वाली श्रेणी) में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने. इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल चार कांस्य पदक हासिल किए. पैरालंपिक पदक विजेता भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना - ये सभी अपने-अपने महिला एकल सेमीफाइनल में अनुभवी पैरालंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों से हार गईं.

इस प्रदर्शन के साथ, भारत ने पिछले संस्करण के अपने पदक आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है. पिछले संस्करण में भारत ने पैरा टेबल टेनिस में दो कांस्य पदक जीते थे.

तीरंदाजी और बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन

डिफेंडिंग चैंपियन शीतल देवी और इन खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी अपने-अपने व्यक्तिगत इवेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं. इसके साथ ही, भारत के पैरा तीरंदाजों ने देश के लिए पांच पदक पक्के कर लिए हैं. 19 वर्षीय शीतल ने क्वालिफिकेशन राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और एक नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने महिला कंपाउंड सेमीफाइनल में जापान की शिनोहारा अया को 145-137 से हराया. अब स्वर्ण पदक के लिए उनका मुकाबला सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदाह से होगा.

इन खेलों में डेब्यू कर रहीं स्वाति ने महिला W1 सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की यूनही ली को 6-2 से हराकर भारत के लिए कम से कम एक रजत पदक पक्का कर लिया है. W1 क्लासिफिकेशन उन एथलीटों के लिए है, जिनकी शारीरिक कार्यक्षमता, अंगों की गति की सीमा (रेंज ऑफ मोशन) में गंभीर कमी हो, या जिनके चारों अंगों में से कोई अंग न हो.

भारत की महिला रिकर्व और कंपाउंड डबल्स जोड़ियां भी सेमीफाइनल जीतकर स्वर्ण पदक के मुकाबलों में पहुंच गई हैं. विश्व नंबर एक शीतल (जो बिना हाथों के पैदा हुई थीं) और पायल नाग की युवा जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स सेमीफाइनल में थाईलैंड की फानिभा स्राथोंगमेव और वासाना खुथाविसाप को 151-135 से हरा दिया.

पूजा और भावना ने महिलाओं के रिकर्व सेमीफाइनल में ईरान की मोहदेसेह बाबाहबीब और रहीमी घदेरिजानी सोमायेह की जोड़ी को 6-2 से हराया. पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने अपने दक्षिण कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों को 5-4 से हराकर पुरुषों के डबल्स रिकर्व फाइनल में जगह बनाई.

भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिक्स्ड टीमें थाईलैंड और जापान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गईं. हरविंदर और भावना ने रिकर्व मिक्स्ड टीम क्वार्टर फाइनल में अपने थाई प्रतिद्वंद्वियों को 6-0 से हराया. शीतल ने टोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम सेमीफाइनल में प्रवेश किया. इस भारतीय जोड़ी ने जापान को 154-147 से हराया.

बैडमिंटन में मिली कई जीतों के बीच, विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने पुरुषों के सिंगल्स SL3 सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने लिए पदक पक्का कर लिया. 

लगातार पांचवें पैरा एशियाई खेलों में पोडियम तक पहुंचने वाले भगत ने अपने क्वार्टर फाइनल मैच में जापान के डाइसुके फुजीहारा को 21-12, 21-10 से हराया. सेमीफाइनल में गुरुवार को उनका मुकाबला कोरिया के ली सेउंगहू से होगा. नितेश ने अपने ही देश के विक्रम कुमार को 21-8, 21-8 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई, जहां उनका सामना इंडोनेशिया के अल मुह इमरान से होगा.

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