भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टीम इंडिया में वापसी के लिए पूरी तरह से प्रतिबध है, भले ही न्यूजीलैंड दौरे के लिए उन्हें स्क्वाड में जगह ना मिली हो. शमी ने जोर देकर कहा है कि उनका काम निरंतर प्रदर्शन करना है और उनकी नजरें फिलहाल घरेलू सीजन पर है. अनुभवी तेज गेंदबाज का लक्ष्य अपनी लय बनाए रखना, अपने कौशल को और बेहतर करना और हर मैच का पूरा फायदा उठाना है, ताकि वे राष्ट्रीय टीम में अपनी वापसी का रास्ता बना सकें. बता दें, शमी बीते लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं.
नई दिल्ली में बंगाल और दिल्ली के बीच रणजी मुकाबले के इतर मीडिया से बात करते हुए मोहम्मद शमी ने कहा,"मैं हमेशा सकारात्मक रहता हूं और हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान देता हूं. मैं ज्यादा से ज्यादा मैच खेलना चाहता हूं, क्योंकि इससे मुझे अपनी शारीरिक लय बनाए रखने, अपने खेल को बेहतर करने और अपने कौशल को निखारने में मदद मिलती है. अभी मेरा पूरा ध्यान इसी पर है. लगातार खेलते रहने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के अलावा मैं और क्या कर सकता हूं?"
इस महीने की शुरुआत में भारत की पुरुष टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद, प्रज्ञान ओझा ने यह जिम्मेदारी संभाल ली है. नई चयन समिति और सोशल मीडिया के बारे में बात करते हुए, शमी ने कहा कि उनका पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन और टीम के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर है. उन्होंने सोशल मीडिया से दूर रहने का फैसला किया है और अपना समय प्रैक्टिस, स्किल्स को बेहतर बनाने और इस सीजन में ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने में लगाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा,"मेरा पूरा ध्यान अपने खेल पर है और बाकी लोग क्या कर रहे हैं, इससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है. मेरी प्राथमिकता टीम और खेल की जरूरतों को पूरा करना है. मैंने सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूरी बना ली है, क्योंकि मुझे वहां ज्यादा समय बिताना पसंद नहीं है. इसके बजाय, मैं मैदान पर समय बिताने, प्रैक्टिस सेशन में कड़ी मेहनत करने और इस सीजन में ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने पर फोकस कर रहा हूं. मैं अपना समय और ऊर्जा यहीं लगाना चाहता हूं."
2027 के वनडे वर्ल्ड कप से पहले उम्र एक चर्चा का विषय हो सकती है, लेकिन शमी लगातार अच्छा प्रदर्शन करके और पूरा घरेलू सीजन खेलकर खुद को मुकाबले के लिए तैयार रखने पर ध्यान दे रहे हैं. इस सीनियर तेज गेंदबाज ने कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं और बाकी सब भगवान पर छोड़ दिया है. शमी ने यह भी कहा कि पूरा घरेलू सीजन खेलना उनके विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मैं अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं और अपना सब कुछ झोंक रहा हूं. इसके आगे क्या होगा या क्या नहीं, यह भगवान के हाथ में है. फिलहाल, मेरे लिए पूरा घरेलू सीजन खेलना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे मुझे अपनी स्किल्स पर काम करने, अपने खेल को बेहतर बनाने और आगे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने में मदद मिलेगी."
शमी आखिरी बार पिछले साल मार्च में एक अंतरराष्ट्रीय मैच में खेले थे - न्यूजीलैंड के खिलाफ ICC चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में, जिसे भारत ने जीता था. गौरतलब है कि भारत की उस जीत में शमी ने अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने पांच पारियों में 25.88 की औसत से नौ विकेट लिए थे.
इसके बाद, बंगाल के इस तेज गेंदबाज़ ने दलीप ट्रॉफी 2026 में हिस्सा लिया. उन्होंने तीन मैचों में 26.57 की औसत से सात विकेट लिए और ईस्ट जोन को ख़िताब जिताने में मदद की. 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीज़न में भी उन्होंने बंगाल के लिए सात मैचों में 16.72 की औसत से 37 विकेट लिए. रणजी ट्रॉफी के 2026-27 सीजन में खेले गए अपने इकलौते मैच में, शमी ने 4/30 और 1/29 के आंकड़े दर्ज किए.
वहीं, आईपीएल 2025 और 2026 सीजन में इस तेज गेंदबाज़ का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. 2025 में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए नौ मैचों में छह विकेट लिए, जबकि 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 13 मैचों में 12 विकेट लिए.
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन ने राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की उम्मीदें जगा दी थीं. खासकर वनडे और टेस्ट फॉर्मेट के लिए. ये उम्मीदें तब और बढ़ गईं जब उनके ही दौर के खिलाड़ी भुवनेश्वर कुमार (जो भी 36 साल के हैं) को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापस बुला लिया गया. यह टी20 सीरीज, वनडे और टेस्ट सीरीज़ से पहले खेली जानी है.
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