राजस्थान के जोधपुर की पगड़ी की अपनी अलग शान है. शादियों से लेकर त्योहारों तक, खास मौकों पर राजस्थान की इस मशहूर पगड़ी की हमेशा से मांग रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से भी जोधपुरी पगड़ी का बड़ा नाम हुआ था. पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में स्वतंत्रता दिवस पर अपने पहले भाषण के दौरान गहरे लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी पहनी थी. राजस्थान में इन दिनों एक बार फिर जोधपुरी पगड़ी की मांग राजनीति की वजह से बढ़ गई है. निकाय चुनाव के मौसम में जोधपुरी पगड़ियों की खूब बिक्री हुई है.

तिरंगे वाली पगड़ी की काफी डिमांड है
Photo Credit: PTI
पूरे देश में जाती हैं पगड़ियां
जोधपुर में पारंपरिक पगड़ी बनाने वाले कारीगर बताते हैं कि राजनीतिक पार्टियों की ओर से उन्हें बड़े ऑर्डर मिले. तिरंगे वाली पगड़ियों और पार्टी के रंगों वाली पगड़ियों की बहुत मांग रही. पगड़ी कारीगर अशोक गहलोत बताते हैं कि जोधपुर की पगड़ियां चुनावों के दौरान पूरे देश में भेजी जाती हैं. वो कहते हैं,"हर चुनाव में हमारे यहां बिक्री बढ़ जाती है. हम हर प्रकार के साफे बनाते हैं. रैलियों के हम थोक में साफे बनाते हैं. बीजेपी, कांग्रेस, आरएलपी, बीएसपी, दक्षिण भारत की पार्टियों के लिए यहां से साफे जाते हैं."
जोधपुर में पगड़ियों की खरीद करनेवाले रामकिशोर कहते हैं,"यहां से मैं कांग्रेस, बीजेपी, निर्दलीयों सबके लिए साफे खरीदकर ले जाता हूं. यहां की पाग-पगड़ी की दुकान पूरे भारत में प्रसिद्ध है."

पगड़ी बनाना एक हुनर का काम है
Photo Credit: NDTV
पगड़ी बनाने की होती है ट्रेनिंग
इन कारीगरों के लिए पगड़ी बनाना एक ऐसी कला है जिसमें बहुत हुनर और बारीकी की जरूरत होती है. कारीगर अनुष्का गुप्ता बताती हैं,"पहले हमारी ट्रेनिंग होती है, हमारे गुरुजी 15 दिन ट्रेनिंग देते हैं, इसके बाद हम साफे बनाना शुरू करते हैं."
कारीगर कहते हैं कि जोधपुरी पगड़ियों के ग्राहक ऐसे लोग हैं जो परंपरा, कारीगरी और बारीकियों की कद्र करते हैं, इसलिए पगड़ियों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
ये भी पढ़ें-: निकाय चुनाव: मुस्लिम प्रत्याशी मंदिरों में लगा रहे धोक, महिलाएं आरती और तिलक लगाक कर रहीं स्वागत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं