- मॉनसून विदाई के दौरान देश के कई हिस्सों को भिगोएगा, जबकि कुछ इलाकों में उमस भरी गर्मी बढ़ेगी
- मौसम विभाग ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में फिर से बारिश का नया दौर आने का संकेत दिया
- बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जो बारिश का झोंका लेकर उत्तर भारत में आएगा
मॉनसून विदाई के आखिरी हफ्ते में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़,राजस्थान में झमाझम बारिश लेकर आएगा या उमस वाली गर्मी बढ़ेगी. मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि मॉनसून जाते-जाते कुछ इलाकों में भारी बारिश लेकर आएगा लेकिन ज्यादातर शुष्क मौसम रहेगा. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले पांच से छह दिनों तक मौसम शुष्क और काफी हद तक साफ रहने की उम्मीद है.उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका है.
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 7 से 13 सितंबर के दौरान बारिश होने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के दौरान और उत्तराखंड में 8 से 9 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत जैसे जिलों में भी रेन अलर्ट है.हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर रीजन में 7 से 13 सितंबर और उत्तराखंड में इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में वाराणसी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, गोरखपुर समेत ज्यादातर जिलों में बारिश का दौर बना रहेगा.
आज का मौसम
पूर्वी राजस्थान में 7 से 13 सितंबर के दौरान
- हरियाणा-दिल्ली,पंजाब और वेस्ट यूपी में 7 -13
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 सितंबर में बारिश
- पश्चिमी राजस्थान में 12 से 13 सितंबर में बरसात
उत्तर भारत में बड़ी बारिश का संकेत
मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून की धुरी उत्तर भारत में बारिश की बड़ी वजह रही है, लेकिन ये हिमालय की तलहटी की ओर नहीं खिसकी है. इसके बावजूद जोरदार बारिश कहीं-कहीं देखने को मिलेगी. उत्तर प्रदेश के बरेली में जबरदस्त बारिश देखने को मिली है. खासकर पूर्वांचल इलाके में बारिश और बाढ़ से हालात ऐसे ही बने रहेंगे. उत्तर-पश्चिम भारत से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इससे शुष्क हवा आएगी और एक बड़े इलाके में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम हो जाएगी. आसमान साफ होने के साथ तेज धूप लौटेगी. लेकिन सक्रिय मॉनसून के दौर में लगातार छाए बादलों और बारिश से कुछ राहत मिल सकती है.
शुष्क हवाओं से बढ़ेगी गर्मी
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण कई इलाकों में दिन का तापमान भी बढ़ सकता है, जिससे गर्मी बढ़ सकती है. जबकि सितंबर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम का आखिरी दौर होता है.सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिलता है कि पश्चिमी और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में बादलों का बनना कम हो गया है, लेकिन मॉनसून अभी खत्म नहीं हुआ है.मौसम का अनुमान बताता है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का नया वेदर सिस्टम बन सकता है. 12 सितंबर से 18 सितंबर के बीच बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में मौसम को फिर खुशनुमा बना सकता है.अगर यह वेदर सिस्टम सक्रिय होता है तो इससे फिर से बड़े पैमाने पर बारिश हो सकती है. यह देश के उत्तरी हिस्सों में मॉनसून की आखिरी अहम बारिश का दौर हो सकता है और इससे पहले कि मौसम की वापसी तेज हो.
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