मध्य प्रदेश के मंदसौर जिला अस्पताल में हुई एक चोरी की घटना ने पुलिस को भी हैरान कर दिया. करीब 4 लाख रुपये के गहनों से भरा बैग गायब होने के बाद पुलिस किसी शातिर चोर की तलाश में जुटी थी. शिकायत दर्ज हुई, जांच शुरू हुई और CCTV खंगाले गए. लेकिन जब फुटेज सामने आया तो पूरी कहानी ही बदल गई. जिस 'चोर' की पुलिस तलाश कर रही थी, वह कोई इंसान नहीं बल्कि एक कुत्ता निकला. CCTV में कुत्ता मुंह में बैग दबाकर ले जाता दिखाई दिया. अच्छी बात यह रही कि बैग बाद में अस्पताल परिसर से बरामद हो गया और उसमें रखे गहने और नकदी भी सुरक्षित मिल गए.
जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से गायब हुआ बैग
यह मामला मंदसौर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड का है. कयामपुर की रहने वाली लताबाई वाल्मीकि अपने बेटे के इलाज के लिए अस्पताल आई थीं. उनके बेटे के हाथ में चोट लगी थी और उसका इलाज चल रहा था.लताबाई अपने साथ एक बैग भी लाई थीं, जिसमें सोने-चांदी के गहने और कुछ नकदी रखी हुई थी. उनके अनुसार रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बैग अचानक गायब हो गया. लताबाई की शिकायत के मुताबिक बैग में चांदी की करधनी, पायल, घुंघरू, बिछिया, सोने का मंगलसूत्र, दो सोने की अंगूठियां, सोने के मोती, झुमके और नथ रखी हुई थी. इसके अलावा करीब 2 हजार रुपये नकद भी बैग में मौजूद थे.गहनों और नकदी की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई.
4 लाख के गहने लेकर 'फरार' हो गया चोर! CCTV देखा तो पुलिस भी रह गई हैरान, निकला कुत्ता..#CCTV pic.twitter.com/PjrmphRbae
— NDTV India (@ndtvindia) August 25, 2026
CCTV में दिखा हैरान करने वाला दृश्य
सुबह जब लताबाई को बैग नहीं मिला तो उन्होंने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. बैग में लाखों रुपये के गहने होने की वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी.हेड कांस्टेबल अजय सोलंकी को बैग खोजने की जिम्मेदारी सौंपी गई. पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और वहां लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की.
पुलिस के मुताबिक बैग उसी कुत्ते ने उठाया था और वह उसे लेकर अस्पताल परिसर में घूमता रहा.
फिर शुरू हुई 'कुत्ते' की तलाश
इसके बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर के अलग-अलग कैमरों की फुटेज की मदद से कुत्ते की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया. एक कैमरे से दूसरे कैमरे तक उसका पीछा करते हुए पुलिस अस्पताल के खुले हिस्से तक पहुंची. यहीं पुलिस को वह बैग लावारिस हालत में पड़ा मिला, जिसकी तलाश की जा रही थी.बैग मिलने के बाद पुलिस और परिवार दोनों ने राहत की सांस ली. जांच में पता चला कि बैग के अंदर रखे गहने और नकदी सुरक्षित थे. किसी भी सामान के गायब होने की जानकारी नहीं मिली. जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार शाम पुलिस ने बैग और उसमें रखे गहने लताबाई को वापस सौंप दिए.
आखिर कुत्ता बैग लेकर क्यों भागा?
कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पूछताछ के दौरान लताबाई ने पुलिस को बताया कि बैग में गहनों के अलावा बिस्कुट और कुछ खाने-पीने का सामान भी रखा हुआ था.पुलिस का मानना है कि संभवतः खाने की गंध की वजह से कुत्ते ने बैग उठा लिया होगा. उसे शायद बैग में रखे भोजन की तलाश थी और इसी कारण वह उसे लेकर चला गया. थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के मुताबिक, लताबाई ने शाम को थाने पहुंचकर शिकायत दी थी. CCTV जांच के दौरान सुबह करीब 4 बजे एक कुत्ता बैग लेकर जाता दिखाई दिया. इसके बाद अन्य कैमरों की मदद से कुत्ते और बैग की तलाश की गई और आखिरकार बैग बरामद कर लिया गया.
इस घटना ने खड़े कर दिए बड़े सवाल
मामला भले ही सुखद अंत के साथ खत्म हो गया हो, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड तक एक आवारा कुत्ता आखिर पहुंचा कैसे? इतना ही नहीं, वह वार्ड में घूमता रहा, बैग उठाकर बाहर भी निकल गया और किसी ने उसे रोका तक नहीं. भले ही CCTV कैमरों की मदद से पुलिस ने मामला सुलझा लिया, लेकिन इस घटना ने अस्पताल के अंदर सुरक्षा, आवारा पशुओं की मौजूदगी और प्रबंधन की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है.
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