JAH Gwalior Security Guard Assault: ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह (जेएएच) में मरीजों की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अब सुरक्षाकर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. आरोप है कि निजी नर्सिंग होम के लिए काम करने वाले दलाल अस्पताल परिसर में खुलेआम सक्रिय हैं और मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं. विरोध करने पर वे सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी तक दे रहे हैं. हाल ही में बर्न वार्ड में एक सुरक्षाकर्मी पर हमले की घटना सामने आई है, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. NDTV ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों और जिम्मेदारों से बात की. आइए जानते हैं पूरा मामला.
मरीजों को बहकाकर ले जाने की खुली दलाली
NDTV को पड़ताल में पता चला कि उत्तरी मध्यप्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल माने जाने वाले जेएएच में दलालों का नेटवर्क सक्रिय है. ये लोग अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज का लालच देते हैं. कई मामलों में मरीज इस झांसे में आकर आर्थिक शोषण का शिकार हो जाते हैं. यह अस्पताल ग्वालियर-चंबल के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड से आने वाले मरीजों का प्रमुख केंद्र है, जहां इस तरह की गतिविधियों से व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
सुरक्षाकर्मियों से मारपीट, जान से मारने की धमकी
ताजा मामला 7 जून की रात बर्न वार्ड से सामने आया, जहां ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा सुपरवाइजर बृजकिशोर ने एक दलाल को मरीज को ले जाने से रोका. इस पर आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा. आरोप है कि उसने फोन कर अपने साथियों को बुलाया और सुरक्षाकर्मी पर हमला करवा दिया. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सुपरवाइजर को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा. पीड़ित ने कम्पू थाने में शिकायत दर्ज कराई है और सुरक्षा की मांग की है.
वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल परिसर में हो रही दबंगई साफ देखी जा सकती है. वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है. इससे पहले भी कई बार अस्पताल में दलालों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
पहले भी हो चुकी हैं फायरिंग और गैंगवार जैसी घटनाएं
जेएएच के ट्रॉमा सेंटर और कैजुअल्टी विभागों में मरीजों को लेकर दलालों के बीच प्रतिस्पर्धा पुरानी है. कई बार यह विवाद हिंसक झड़पों में बदल चुका है और फायरिंग तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.
सुरक्षा कर्मियों में दहशत, हड़ताल की चेतावनी
सुरक्षा गार्ड सत्तन गुप्ता ने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं से अस्पताल के सुरक्षाकर्मी दहशत में हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे. सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा, जिससे उनका मनोबल गिर रहा है.
प्रबंधन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा है कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जब अस्पताल के सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो मरीजों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है.
यह भी पढ़ें : सतना: नागौद राजघराने में विवाद ने लिया हिंसक रूप; परसमनिया गढ़ी में चली गोली, राजपरिवार की बहू गंभीर
यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ में मोहर्रम-उर्स पर सख्ती; डीजे और आतिशबाजी बैन, वक्फ बोर्ड का ऐलान, नियम तोड़ने पर जुर्माना
यह भी पढ़ें : 6 साल की उम्र से क्रिकेट के प्रति जिद, जुनून और मेहनत; अब अंडर-19 टीम के कप्तान बने यशवर्धन सिंह चौहान
यह भी पढ़ें : छिंदवाड़ा की बेटी ने भरी उड़ान; प्रिया मालवीय बनीं इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर, खुद सुनायी सक्सेस स्टोरी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं