- राहुल गांधी ने अधिवेशन में पीएम मोदी और अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए इस्तीफा देने तक सोने न देने की बात कही
- उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भारत की परंपरा और वर्तमान भारत की वास्तविकताओं को समझने में असफल हैं
- राहुल गांधी ने कहा कि विदेश नीति नेताओं से दोस्ती नहीं बल्कि देशहित के लिए होती है
राहुल गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस के अधिवेशन में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर तीखा हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि इन दोनों को हम इस्तीफा देने तक सोने नहीं देंगे. राहुल गांधी ने कहा कि ये लोग इतनी बातें करते थे, लेकिन 20 दिनों में ये लोग सदन में नहीं आए. उन्होंने कहा कि हम ऐसे लोगों से मुकाबले में हैं, जिन्हें भारत की परंपरा की कोई जानकारी नहीं है. उन्हें इससे मतलब भी नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि ये तीन हजार साल पुरानी बातें करते हैं, लेकिन आज के भारत को नहीं समझते. आप इस भारत को तभी समझ सकते हैं, जब उन्हें बोलने दें और ये ऐसा करते नहीं हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर पुलिस वाले ने मेरे कान में इनको हटाने की बात की थी. उन्होंने कहा कि पीएम कभी प्रेस कॉन्फ़्रेंस क्यों नहीं करते. मैं सोचता था की इसके पीछे कोई कोई रणनीति होगी लेकिन मैं फिर 5 मिनट कमरे में बैठा और समझा की पांच मिनट में ही यह ख़त्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि ये लोग भी हमारी ताकत जानते हैं. राहुल गांधी ने कहा, 'संसद में मैं एक दिन उस तरफ़ से गुज़र रहा था. जहां से प्रधानमंत्री आते हैं वहां सरकार के लोग बैठे होते हैं. वहां भाजपा के एक नेता ने दूसरे नेता से कहा की- यह किसी खांचे में नहीं घुसता, लेकिन हम घुस जाते हैं.'
दादी के साथ अमेरिका जाने का वाकया सुनाकर किया मोदी सरकार पर हमला
इस दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति को भी टारगेट किया. राहुल गांधी ने कहा कि पता नहीं किसने इनके दिमाग में डाला कि विदेश नीति का मतलब नेताओं से गले लगना है. मैं छोटा था तो अमेरिका गए थे. उस वक्त 12 साल का था. मैं, प्रियंका, मां और मेरी दादी थे. उस समय दादी प्रधानमंत्री थीं. दादी और मां राजकीय भोज पर गए और हम लोग खेल रहे थे. दोनों लौटे तो दादी बोलीं कि सोनिया इन अमेरिकियों ने मुझे एकदम बेवकूफ समझ रखा है. इस पर सोनिया जी ने कहा कि क्यों? इंदिरा गांधी ने कहा कि तुमने देखा नहीं कि जिस रंग की मेरी साड़ी थी, उसी रंग की ड्रेस रीगन ने पहनी थी.
किसी नेता से दोस्ती करना विदेश नीति नहीं होता
उन्होंने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि भारत का पीएम किसी से दोस्ती नहीं करता है बल्कि वह देश हित के लिए काम करता है. राहुल गांधी ने कहा कि ईरान में युद्ध होता है. यदि हिन्दुस्तान का नेता अवसर को समझता तो वह ईरान जंग में मध्यस्थता कराता. लेकिन हुआ यह कि पाकिस्तान ने जगह बना ली और वह मध्यस्थ बन गया. वहीं नरेंद्र मोदी यह देखते रह गए कि आखिर ऐसा कैसे हुआ. इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि मुझे नरेंद्र मोदी के ऑफिस के अंदर से भी खबरें मिलती हैं.
चीन पर गलत था सरकार का दावा, निकल गई थी राजनाथ और अमित शाह की हवा
कांग्रेस नेता ने कहा, 'चीन ने अरुणाचल में हमें पेट्रोलिंग से मना कर दिया. राजनाथ सिंह, अमित शाह और नरेंद्र मोदी की हवा निकल गई है. अब वो सारे अखबारों और मीडिया को कॉल कर रहे हैं कि यह बात मत छापें और मत दिखाएं. मैंने अपनी आंखों से देखा कि गलवान के बाद पीएम ने कहा कि हिन्दुस्तान की जमीन का एक इंच भी चीन ने नहीं लिया. सेना कहती है कि हिन्दुस्तान की जमीन चीन ने ली है. इससे चीन को संदेश क्या गया. जब बात हुई तो चीन के पक्ष ने कहा कि आप लोग गलत बोल रहे हैं. आपका तो पीएम ही कह रहा है कि हमारी कोई जमीन नहीं गई है. इन लोगों ने विदेश नीति को खत्म कर दिया. आंतरिक रूप से देश को कमजोर किया है.'
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