- हरियाणा के फरीदाबाद के IAS सिद्धार्थ जैन मध्य प्रदेश के सबसे युवा जिला कलेक्टर हैं जिनकी उम्र 33 वर्ष है
- सिद्धार्थ जैन ने यूपीएससी की परीक्षा में दर्द निवारक गोलियां लेकर 2015 में अखिल भारतीय 13वीं रैंक हासिल की थी
- वे 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं और अप्रैल 2025 से हरदा जिले के जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं
IAS Siddharth Jain Youngest Collector: हरियाणा ने देश को न केवल नामी पहलवान दिए हैं, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में भी कई उत्कृष्ट अफसर इसी मिट्टी से निकले हैं. हरियाणा के बेटे IAS सिद्धार्थ जैन के रूप में मध्य प्रदेश को अपना सबसे युवा जिला कलेक्टर भी मिला है. अगस्त 2026 की स्थिति के अनुसार, मध्य प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों में सबसे कम उम्र 33 वर्ष हरदा जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन की है. ये वही शख्सियत हैं, जिन्होंने भयंकर शारीरिक दर्द के बावजूद दर्द निवारक गोलियां खाकर यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और सफलता का परचम लहराया था.
मध्य प्रदेश के युवा डीएम सिद्धार्थ जैन
मध्य प्रदेश कैडर में सिद्धार्थ जैन 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. 12 फरवरी 1993 को जन्मे सिद्धार्थ जैन 15 अप्रैल 2025 से मध्य प्रदेश के हरदा में जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. यूं तो मध्य प्रदेश कैडर में हरसिमरनप्रीत कौर, प्रखर सिंह, श्रेयांस कुमट, वैशाली जैन, दलीप कुमार, हिमांशु प्रजापति और दिव्यांशु चौधरी जैसे आईएएस अधिकारी उम्र में आईएएस सिद्धार्थ जैन से छोटे हैं, मगर ये आईएएस वर्तमान में जिला कलेक्टर के पद पर तैनात नहीं हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के सबसे युवा जिला कलेक्टर बनने का गौरव सिद्धार्थ जैन को ही हासिल है.
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दर्द निवारक गोलियां खाकर दी परीक्षा, AIR-13 हासिल कर बने MP के सबसे कम उम्र के कलेक्टर: जानिए IAS सिद्धार्थ जैन की प्रेरणादायक कहानी
मध्य प्रदेश के युवा आईएएस अफसर
- 29 मार्च 1994 को जन्मीं 2018 बैच की आईएएस हरसिमरनप्रीत कौर वर्तमान में सीईओ जिला पंचायत कटनी के पद पर कार्यरत हैं.
- 15 जनवरी 1994 को जन्मे 2019 बैच के आईएएस श्रेयांस कुमट सीईओ जिला पंचायत उज्जैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
- 2 जुलाई 1994 को प्रखर सिंह मध्य प्रदेश कैडर में 2020 के आईएएस हैं और ये वर्तमान में सीईओ जिला पंचायत अलीराजपुर के पद पर तैनात हैं.
- 18 जून 1994 को जन्मी 2021 बैच की आईएएस वैशाली जैन सीईओ जिला पंचायत रतलाम के पद पर हैं.
- 8 नवंबर 1994 को जन्मे 2019 बैच के आईएएस दलीप कुमार आयुक्त, नगर निगम, देवास पद पर सेवाएं दे रहे हैं.
- 24 मार्च 1994 को जन्मे 2019 बैच के आईएएस हिमांशु प्रतापति के पास कार्यकारी निदेशक, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम, इंदौर की जिम्मेदारी है.
- 25 मई 1994 को जन्मे सृजन वर्मा साल 2021 बैच के आईएएस हैं. वर्तमान में सीईओ, जिला पंचायत एवं अति. कलेक्टर जिला. बुरहानपुर पद पर हैं.
- 14 फरवरी 1994 को जन्मे 2021 बैच के आईएएस अधिकारी दिव्यांशु चौधरी सीईओ, जिला पंचायत एवं अति. कलेक्टर जिला. डिंडोरी पद पर तैनात हैं.
सिद्धार्थ जैन को UPSC 2015 में AIR-13
हरदा जिला कलेक्टर आईएएस सिद्धार्थ जैन मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं. इन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2015 में अखिल भारतीय स्तर पर 13वीं रैंक हासिल की थी. यूपीएससी में यह उनका दूसरा प्रयास था.
Quora.com की एक पोस्ट के अनुसार, सिद्धार्थ जैन ने अपने यूपीएससी सफर के बारे में बात करते हुए अपने संघर्ष व सफलता की पूरी कहानी साझा की थी. उन्होंने लिखा था कि साल 2014 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी, तब वे मुख्य परीक्षा (Mains) उत्तीर्ण नहीं कर सके थे.
दर्द निवारक गोलियां और परीक्षा केंद्र की चुनौतियां
उन्होंने आगे लिखा कि यूपीएससी के दूसरे प्रयास के दौरान वे पुस्तकालय में कई-कई घंटों बैठकर पढ़ाई किया करते थे. लगातार बैठने की वजह से उन्हें गंभीर कमर दर्द की शिकायत रहने लगी थी. स्थिति यह थी कि उनके लिए आधे घंटे भी लगातार बैठना मुश्किल हो जाता था. ऐसे में वे अक्सर डरते थे कि यूपीएससी की तीन-तीन घंटे की लंबी परीक्षा में लगातार कैसे बैठ पाएंगे. उस दौर में उन्हें दर्द निवारक गोलियां लेनी पड़ती थीं. एक गोली सुबह की शिफ्ट की परीक्षा के लिए और दूसरी अगली शिफ्ट में दर्द के दौरान.
सिद्धार्थ जैन के अनुसार, कमर दर्द के अलावा परीक्षा के दौरान उन्हें बेहद असुविधाजनक बेंच मिली, परीक्षा केंद्र के पास स्थित एक मंदिर में जोर-जोर से बजते भजन सहन करने पड़े और साथ ही बातूनी निरीक्षक का भी सामना करना पड़ा. हालांकि, इन तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. खुद पर पूरा विश्वास रखा और अपना सौ प्रतिशत दिया. नतीजा यह रहा कि दूसरे प्रयास में ही उन्होंने देशभर में 13वीं रैंक हासिल की, आईएएस सर्विस मिली और मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ.
22 की उम्र में IAS बने सिद्धार्थ जैन
सिद्धार्थ जैन ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. उनके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और माता गृहणी हैं. सिद्धार्थ साल 2015 में यूपीएससी पास करके महज 22 साल की उम्र में आईएएस अधिकारी बन गए थे. उन्होंने 32 वर्ष की उम्र में जिला कलेक्टर का पद संभाल लिया था. हरदा जिला कलेक्टर का पदभार ग्रहण करने से पहले वे इंदौर जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और भोपाल स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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