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बाघ ने हमला किया, भैंसों ने मालिक को बचा लिया ! बांधवगढ़ में सामने आया अनोखा मामला

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक चरवाहे पर बाघिन ने हमला कर दिया. चीख-पुकार सुनकर दौड़ी भैंसों के झुंड ने बाघिन को खदेड़कर मालिक की जान बचा ली. जानिए उमरिया के मानपुर की यह हैरान कर देने वाली पूरी खबर.

बाघ ने हमला किया, भैंसों ने मालिक को बचा लिया ! बांधवगढ़ में सामने आया अनोखा मामला
AI की सहायता से ली गई सांकेतिक तस्वीर

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक चरवाहे की जान किसी इंसान ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी भैंसों ने बचा ली. दरअसल जंगल में मवेशी चरा रहे रामनरेश सिंह पर अचानक एक बाघिन ने हमला कर दिया. रामनरेश की चीख-पुकार सुनकर पास ही चर रही उसकी भैंसें भागने के बजाय बाघिन पर झपट पड़ीं. मवेशियों के इस अचानक पलटवार से घबराकर बाघिन चरवाहे को छोड़कर जंगल में भाग गई. इस हमले में घायल रामनरेश को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

झाड़ियों से अचानक निकला बाघ

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाली नौगवां बीट और पनपथा कोर क्षेत्र का बताया जा रहा है. पीड़ित रामनरेश सिंह जंगल क्षेत्र में अपनी 6 भैंसों को चरा रहे थे और मवेशियों की देखभाल कर रहे थे. इसी दौरान झाड़ियों के बीच से अचानक बाघ निकला और रामनरेश पर झपट पड़ा. इस अचानक हुए हमले से चरवाहा बेहद घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी. बाघ के हमले से उसके हाथों में गहरी चोटें आईं, जिसके बाद उसने अपनी पूरी ताकत से आवाज लगाकर मदद के लिए पुकारना शुरू कर दिया.

Tiger Attack Umaria: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के इलाके में बाघ के हमले में घायल चरवाहे का इलाज जारी है. इसकी जान उसके ही भैसों ने बचा ली.

Tiger Attack Umaria: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के इलाके में बाघ के हमले में घायल चरवाहे का इलाज जारी है. इसकी जान उसके ही भैसों ने बचा ली.

भैंसों ने बाघ को पीछे हटने पर किया मजबूर

चरवाहे की आवाज सुनते ही आसपास चर रहा भैंसों का झुंड तुरंत अपनी जान की परवाह किए बिना उसकी तरफ दौड़ पड़ा. मवेशियों ने एक साथ बाघ पर धावा बोल दिया. अचानक भारी-भरकम भैंसों को अपनी ओर आक्रामक रूप से आते देखकर बाघ घबरा गया और पीछे हट गया. इसके बाद वह रामनरेश को छोड़कर मौके से भागकर घने जंगल में गायब हो गया. इस तरह भैंसों की समझदारी और हिम्मत की वजह से चरवाहे की जान बच गई.

मानपुर अस्पताल में भर्ती घायल चरवाहा 

घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई, जिसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची. घायल चरवाहे रामनरेश को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की पूरी जानकारी जुटाई है.

मानव-बाघ संघर्ष की नई चुनौती

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (फील्ड डायरेक्टर) डॉ. अनुपम सहाय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघ के हमले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. घायल चरवाहे को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.बांधवगढ़ के बाघ बाहुल्य इलाकों में वन विभाग लगातार ग्रामीणों और चरवाहों को सतर्क रहने की सलाह देता है. इस घटना ने एक बार फिर जंगल के आसपास के इलाकों में मानव-बाघ संघर्ष (Human-Tiger Conflict) की चुनौती को सामने ला दिया है. फिलहाल वन विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र में गश्त व निगरानी बढ़ा दी है.
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