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This Article is From Sep 03, 2021

नाबालिग लड़की को दो महीने से खोज रही थी यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस ने दो दिन में ही कर लिया बरामद

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बीते जुलाई माह में लापता हुई नाबालिग लड़की को यूपी पुलिस दो महीने में नहीं खोज पाई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो लापता नाबिल को दो दिन में ही बरामद कर लिया गया.

नाबालिग लड़की को दो महीने से खोज रही थी यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस ने दो दिन में ही कर लिया बरामद
लापता नाबालिग लड़की की तलाश में लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को लगाई लताड़. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) से बीते जुलाई माह में लापता हुई एक नाबालिग लड़की मामले में यूपी पुलिस की बड़ी नाकामी सामने आई है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस को पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया है. जिस नाबालिग लड़की को यूपी पुलिस (UP Police) दो माह में नहीं तलाश पाई, उसे दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दो दिन में ही खोज निकाला. मामले में यूपी पुलिस की लेटलतीफी पर पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने युपी पुलिस को फटकार लगाते हुए मामले की जांच दिल्ली पुलिस को सौंप दी थी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह अनुपालन रिपोर्ट के साथ अदालत के समक्ष मेडिकल रिपोर्ट सहित प्रासंगिक सबूत सुनिश्चित करने के लिए  कदम उठाए. साथ ही दिल्ली पुलिस को नाबालिग लड़की को दिल्ली लाए जाने पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद  मां को उसकी कस्टडी सौंपने को कहा गया है. 

दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर के मुताबिक इसी साल 8 जुलाई को गोरखपुर के बेलीपुर थाने में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का केस दर्ज हुआ था. जिसमें उसके घरवालों ने बताया कि उनकी 16 साल की लड़की का अपहरण कर लिया गया है. उन्हें शक है कि दिल्ली के रहने वाले आकाश ने उसका अपहरण किया है, लेकिन 2 महीने तक की जांच के बाद भी लड़की की बरामदगी नहीं हो सकी. 

लड़की की मां ने कार्रवाई न होने पर सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस की याचिका लगाई. बीते 1 सितंबर को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा गोरखपुर पुलिस जांच से जुड़े सभी दस्तावेज दिल्ली पुलिस को दे दे. इसके बाद मालवीय नगर थाने की पुलिस ने तुरंत गोरखपुर पुलिस से संपर्क किया और केस की कॉपी 2 सितंबर को ले ली. केस की जांच इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने शुरू की, हालांकि इसके पहले 1 सितंबर को ही तकनीकी जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम कोलकता पहुंच गयी थी. वहां से 2 सितंबर को मुल्लापडा इलाके से नाबालिग लड़की को बरामद कर आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया.

दरअसल लड़की का परिवार दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में रहता है. लड़की की मां एक घरेलू कर्मचारी के तौर पर काम करती है. पूरा परिवार जुलाई के महीने में गोरखपुर गया था. वहीं से लड़की अचानक गायब हो गयी. लड़की की बहन ने आकाश और अपनी बहन की बातचीत सुनी थी. उसी आधार पर शक जताते हुए आकाश के खिलाफ गोरखपुर में केस दर्ज कराया गया था.

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