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'मैं अपने पति का शव देखना चाहती हूं', ओमान के पास जहाज में जान गंवाने वाले भारतीय की पत्नी ने लगाई गुहार

ओमान के पास एक जहाज में जिन भारतीय निशांत उर्थनाथन की मौत हो गई थी, उनकी पत्नी ने सरकार से न्याय देने की गुहार लगाई है. वहीं, पिता का कहना है कि शिपिंग कंपनी ने बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी.

'मैं अपने पति का शव देखना चाहती हूं', ओमान के पास जहाज में जान गंवाने वाले भारतीय की पत्नी ने लगाई गुहार
निशांत उर्थनाथन की पत्नी साराबिन.
ANI
थूथुकुडी:

ओमान के डुक्म पोर्ट पर खड़े जहाज में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण एक भारतीय की मौत हो गई थी. उनका नाम निशांत उर्थनाथन था और वह 'MT सेलेस्टियल' जहाज में थे. ओमान के भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया था कि निशांत की मौत जहाज में ही हो गई थी. उनके शव को भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है. 

इस बीच निशांत की पत्नी साराबिन ने सरकार से उनके पति के शव को वापस लाने और इंसाफ देने की गुहार लगाई है. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में अपने परिवार के लिए नौकरी की भी मांग की.

उन्होंने कहा, 'मैं भारत सरकार से गुजारिश करती हूं कि मेरे पति की मौत के मामले पर गौर करे. मैं अपने पति का शव देखना चाहती हूं. मैं चाहती हूं कि मेरे पति की मौत के मामले में मुझे इंसाफ मिले.'

परिवार के लिए नौकरी की मांग करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरी एक 8 महीने की और एक 3 साल की बेटी है. अभी मुझे समझ नहीं आ रहा कि दोनों बच्चों के भविष्य के लिए क्या करूं? कंपनी की तरफ से हमें मेरे पति की मौत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला. मैं सरकार से विनती करती हूं कि मेरे परिवार के लिए नौकरी का कोई पक्का इंतजाम करे.'

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पिता बोले- कंपनी ने बेटे की मौत के बारे में नहीं बताया

उर्थनाथन के पिता ने बताया कि उन्हें अपने बेटे की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी, बल्कि उन्हें बताया गया था कि वह किसी बीमारी से जूझ रहा था.

उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा पिछले 10 महीनों से जहाज पर काम कर रहा था. शिपिंग कंपनी ने हमें उसकी मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. इसके बजाय, उन्होंने हमें बताया कि मेरा बेटा किसी बीमारी से जूझ रहा है और फिर उसका फोन बंद कर दिया. उसके बाद कंपनी की तरफ से कोई संपर्क नहीं हुआ और न ही जहाज पर मौजूद किसी व्यक्ति ने हमसे बात की. मेरे बेटे की मौत को 3 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.'

उन्होंने यह भी कहा कि जब उसकी तबीयत बिगड़ी, तो कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाया. उन्होंने कहा, 'जब मेरे बेटे की हालत गंभीर हो गई, तो जहाज पर मौजूद लोगों ने मेडिकल मदद के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की थी. लेकिन कंपनी के ऑफिस से कोई जवाब नहीं मिला. जिस जहाज पर मेरा बेटा काम कर रहा था, उसे कथित तौर पर रोक दिया गया था, इसलिए उसे सही मेडिकल मदद नहीं मिल पाई. मौत की सूचना देने के बाद भी, कंपनी कथित तौर पर मेरे बेटे के शव को रेफ्रिजरेटेड सुविधा में ठीक से सुरक्षित रखने में नाकाम रही है.'

उन्होंने अपने बेटे की मौत से जुड़े हालात की पूरी जांच की मांग की. उन्होंने कहा, 'हम अधिकारियों से गुजारिश करते हैं कि वे तुरंत उसके शव को वापस लाएं और उसकी मौत के हालात की पूरी जांच करें. मेरे बेटे की दो छोटी बेटियां हैं. हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा. हमारा परिवार गहरे सदमे में है.'

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सरकार क्या कर रही है?

इससे पहले ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा कि वे स्थानीय ओमानी अधिकारियों, बंदरगाह के अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के संपर्क में हैं.

X पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा, 'दूतावास स्थानीय ओमानी अधिकारियों, बंदरगाह के अधिकारियों और शिपिंग कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहा है. यह मामला निशांत उर्थनाथन से जुड़ा है, जिनकी दुर्भाग्य से MT सेलेस्टियल जहाज पर मेडिकल कारणों से मौत हो गई थी. उम्मीद है कि जहाज जल्द ही डुक्म बंदरगाह पर पहुंचेगा.'

दूतावास ने बताया कि जहाज से शव को जल्द से जल्द लाने के लिए जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं. मिशन परिवार के संपर्क में है और शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाओं में मदद कर रहा है.

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