ओडिशा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. छत्तीसगढ़ के एक दृष्टिहीन युवक को उसके ही बड़े भाई ने इलाज का झांसा देकर ओडिशा लाया और फिर घने जंगल में अकेला छोड़कर फरार हो गया. भूख-प्यास से तड़पते हुए वह युवक कई घंटों तक मदद के लिए पुकारता रहा.
जंगल में बेसुध मिला युवक
केओंझर जिले के तेलकोई थाना क्षेत्र के बिंझाबहाल गांव के पास हनुमान वाटिका के जंगल में स्थानीय ग्रामीणों को एक युवक बेसुध हालत में मिला. वह बेहद कमजोर था और भूख-प्यास से बेहाल था. गांव वालों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद उसे एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
पत्नी के हमले ने छीनी आंखों की रोशनी
अस्पताल में युवक ने जो कहानी बताई, उसने सभी को चौंका दिया. संजय मिश्रा नाम के इस युवक ने बताया कि चार महीने पहले घरेलू विवाद के दौरान उसकी पत्नी ने उस पर तेजाब फेंक दिया था. इस हमले में उसकी आंखों की रोशनी चली गई और वह पूरी तरह दृष्टिहीन हो गया. इसके बाद पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई.
भाई पर किया भरोसा, मिला धोखा
संजय के मुताबिक, उसकी जिंदगी में जो थोड़ा-बहुत सहारा बचा था, वह उसका भाई था. भाई ने उसे बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया और ओडिशा लेकर आ गया. लेकिन जिस भाई पर उसने भरोसा किया, उसी ने उसे एक अनजाने जंगल में छोड़ दिया.
रात में लाया, सुबह गायब हो गया
संजय ने बताया कि उसका भाई उसे रात के वक्त यहां लेकर आया था. लेकिन सुबह जब वह उठा, तो वह पूरी तरह अकेला था. वह देख नहीं सकता, इसलिए उसे यह भी नहीं पता कि वह किस जगह है या कैसे यहां पहुंचा. पूरे दिन वह मदद के लिए आवाज लगाता रहा, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था.
ग्रामीणों ने बचाई जान
अगर समय पर गांव के लोग वहां न पहुंचते, तो शायद यह कहानी और दर्दनाक हो सकती थी. बकरियां चराने गए ग्रामीणों ने जब संजय को देखा, तो तुरंत मदद के लिए आगे आए. उनकी तत्परता ने एक जान बचा ली. इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या रिश्तों का भरोसा अब इतना कमजोर हो गया है.
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. संजय द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे असली वजह क्या थी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं