अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 जून को घोषणा की कि मई से अब तक एक अमेरिकी सैन्य मिशन ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते 100 मिलियन यानी 10 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल की ट्रांसपोर्ट किया है. हालांकि, उन्होंने इस मिशन से जुड़ी कोई ऑपरेशनल जानकारी नहीं दी है. NDTV Datafy ने ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) रिसर्च के जरिए रिसर्च किए गए सबूतों के साथ-साथ समुद्री विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स से मिले इनपुट्स से काफी कुछ खंगाला है.
ये इनपुट इस बात की तस्दीक करते हैं कि अमेरिकी सेना और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल भेजने के लिए जहाजों के एक 'डार्क फ्लीट' यानी अदृश्य बेड़ा होर्मुज के समंदर में उतारा है.
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'डार्क फ्लीट' का मतलब उन कमर्शियल जहाजों से है जो ट्रांज़िट के दौरान अपनी पहचान, जगह और स्पीड के बारे में जानकारी नहीं देते हैं.
तेल की यह आवाजाही दो फेज में हुई लगती है. पहले चरण में, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों की सरकारी कंपनियों के स्वामित्व वाले टैंकरों ने हॉर्मुज के रास्ते एक छोटी यात्रा के लिए फारस की खाड़ी में स्थित एक्सपोर्ट टर्मिनलों से तेल लोड किया. इन जहाजों की आवाजाही मुमकिन है कि अमेरिकी जेट विमानों, हेलीकॉप्टरों और युद्धपोतों की सुरक्षा में हुई.
इन जहाजों ने अमेरिकी सेना की ओर से खोले गए जलमार्ग के एक संकरे और जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल किया और अपने सफर के दौरान सिग्नल को बंद रखा. इससे उनपर किसी की नजर नहीं गई. उन्होंने ओमाना के किनारे से सटे एक संकरे रास्ते का इस्तेमाल किया. ये रास्ता कहीं कहीं तो सिर्फ 800 मीटर चौड़ा था.
दूसरे फेज में, इन टैंकरों ने ओमान के कम से कम दो बंदरगाहों सोहार और शिनास के पास अपने कार्गो को दूसरे कमर्शियल (व्यावसायिक) जहाजों में ट्रांसफर कर दिया. मार्च महीने के दूसरे सप्ताह से अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में बड़ी संख्या में युद्धपोत और लड़ाकू जेट तैनात किए हैं. अमेरिकी सेना का जो अपाचे हेलीकॉप्टर इस सप्ताह की शुरुआत में होर्मुज के पास ईरान की तरफ गिराया गया था, वह भी इसी शिपिंग ऑपरेशन में शामिल रहा होगा.

Photo Credit: NDTV Datafy
तेल का यह ट्रांसफर ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के भीतर हुआ है. इस क्षेत्र ने संभावित ईरानी हमलों के खिलाफ सुरक्षा की एक ढाल की तरह काम किया होगा. ओमान इकलौता ऐसा खाड़ी देश है जिसके ईरान और बाकी के खाड़ी देशों के साथ दोस्ताना संबंध रहे हैं.युद्ध के दौरान ये एरिया अमेरिका के कैंप की तरह काम आया है.
NDTV Datafy ने सैटेलाइट तस्वीरों में देखा है कि एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल का ट्रांसफर (शिप-टू-शिप ट्रांसफर) मई की शुरुआत में शुरू हुआ था, लेकिन जून में इसमें काफी तेजी आई. 6 जून को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से ली गई एक तस्वीर में सोहार बंदरगाह से लगभग 10 किलोमीटर दूर वेरी लार्ज क्रूड कैरियर्स (VLCCs) से जुड़े कम से कम नौ ऑफशोर ट्रांसफर दिखाई दे रहे हैं.

हॉर्मुज के रास्ते ओपन मार्केट में पहुंच क्रूड ऑयल
10 जून की रात, ट्रंप ने ट्वीट किया, "पिछले महीने, मैंने अपनी महान अमेरिकी सेना को फारस की खाड़ी के रास्ते तेल टैंकरों और अन्य कमर्शियल जहाजों को सहायता देने के लिए एक गुप्त मिशन चलाने का निर्देश दिया था. आज, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस प्रयास के नतीजे के तौर पर 100 मिलियन बैरल से अधिक तेल होर्मुज से होते हुए खुले बाजार में पहुंच गया है."
होर्मुज में ईरान नहीं बल्कि अमेरिका का दबदबा है, ये बताने के लिए ट्रंप ने बताया कि 200 से अधिक कमर्शियल जहाज इसी रास्ते से गुजरे हैं. इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने एक कांग्रेस कमेटी को बताया कि फारस की खाड़ी से तेल का प्रवाह सुनिश्चित करने के अमेरिकी ऑपरेशन को लेकर चीजें ठीक चल रही हैं.
अमेरिकी आधिकारिक बयान स्वतंत्र कमर्शियल शिपिंग डेटा और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुकूल हैं. ब्लूमबर्ग के अनुसार, इस महीने अब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते गैर-ईरानी तेल के प्रवाह में लगभग 50 प्रतिशत का उछाल आया है. फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, ओमानी रास्ते से रोजाना करीब 15 जहाज, जिनमें ज्यादातर तेल टैंकर थे, फारस की खाड़ी के अंदर और बाहर जा रहे थे.

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'डार्क' ट्रांजिट
हालांकि, जहाजों के अपने डेटा रिपोर्टिंग सिस्टम पर भरोसा करने वाली ट्रैकिंग सर्विसेज इस जलमार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही न के बराबर दिखाती हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि जलमार्ग को पार करते समय जहाज 'डार्क' (अपने सिग्नल बंद) हो जा रहे हैं. लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस और विंडवर्ड के अनुसार, पिछले सप्ताह के दौरान दैनिक डार्क ट्रांजिट (अदृश्य आवाजाही) 2 से बढ़कर 6 हो गई. युद्ध शुरू होने से पहले, हर दिन 100 से अधिक जहाज हॉर्मुज से होकर गुजरते थे.
ओमानी रास्ते को पार करने से जुड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए, एक टैंकर कार्यकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, "हम दोतरफा ट्रैफिक वाले एक सिंगल-लेन रास्ते की बात कर रहे हैं, वो भी उन लोडेड जहाजों के साथ जिनके पास मुड़ने की जगह नहीं है. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे रात में अपनी हेडलाइट्स बंद करके किसी गांव की संकरी सड़क पर गाड़ी चलाना. बहुत मुमकिन है कि हमारा एक्सीडेंट हो जाए."
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