- ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 23 वर्षीय भारतीय नाविक आदित्य शर्मा समेत तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई.
- आदित्य शर्मा ने हमले से एक घंटे पहले अपने पिता को व्हाट्सएप पर सुरक्षित होने की सूचना दी थी.
- हमले के दौरान जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया.
ओमान की खाड़ी में हुए अमेरिकी हमले ने एक भारतीय परिवार की दुनिया उजाड़ दी. 23 वर्षीय आदित्य शर्मा, जो एक प्रोबेशनरी डेक कैडेट के रूप में एमटी सेट्टेबेलो जहाज पर तैनात थे, इस हमले में जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों में शामिल रहे. हादसे से ठीक एक घंटे पहले ही आदित्य ने अपने पिता को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बताया था कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर आ गई.
परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी देर रात मिली. यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी सेना ने जहाज पर ईरान से तेल ले जाने के आरोप में कार्रवाई की. जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया.
आखिरी बातचीत रविवार को हुई थी : आदित्य के पिता
एनडीटीवी से बातचीत में आदित्य के पिता ने कहा कि मेरी उनसे आखिरी बातचीत रविवार को हुई थी. मैं सरकार से अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का अनुरोध करता हूं. मैं कहूंगा कि किसी वाणिज्यिक जहाज पर मिसाइल से हमला करना युद्ध अपराध है. उन मालवाहक जहाजों को नियंत्रित करने के कई तरीके हैं. आप सेना भेज सकते हैं, आप चालक दल के सदस्यों को गिरफ्तार कर सकते हैं. लेकिन आपको उन पर घातक मिसाइलों से हमला करने का कोई अधिकार नहीं है.
#NDTVExclusive | 3 Indian sailors killed in fatal strike off Oman coast
— NDTV (@ndtv) June 11, 2026
Grief and questions mount after deadly vessel strike — deceased sailor Aditya Sharma's father Rajesh Sharma calls it a “war crime,” demands accountability, clarity on the route decision, and swift return of… pic.twitter.com/frTwZmTUSl

राजेश शर्मा
'युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र असुरक्षित बना हुआ है'
पीड़ित के पिता ने कहा कि सभी जानते हैं कि फरवरी से ही अमेरिका और इजरायल के ईरान विरोधी युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र असुरक्षित बना हुआ है. कई जहाजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दें.
यह घटना इस सप्ताह भारतीय नाविकों से जुड़े दूसरे हमले के रूप में सामने आई है. इससे पहले 8 जून को एमटी मारिवेक्स पर हुए हमले के बाद 24 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया था. वहीं, एक अन्य पोत एमटी जलवीर से भी भारतीयों को निकालने के प्रयास जारी हैं. शिपिंग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की. आदित्य अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी अचानक मौत से परिवार सदमे में है. इसी बीच विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी पक्ष के सामने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण हजारों नाविक फंसे हुए हैं और यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
हिमाचल के रहने वाले थे आदित्य शर्मा
बता दें कि ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में हुए शिप हमले में हिमाचल के रहने वाले युवक की मौत हो गई थी. मृतक युवक की पहचान आदित्य शर्मा के रुप में हुई है जो हमीरपुर में गलोड के रहने वाले थे, पलाऊ के कमर्शियल शिप 'MT सेटेबेलो'पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे.
ये भी पढ़ें : अमेरिकी मिसाइल हमले से होर्मुज में हिमाचल के आदित्य की मौत, शव वापस लाने के लिए परिवार लगा रही गुहार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं