- टीवीके विधायक आर सीनिवासा सेतुपति ने HC के मतदान से रोकने वाले आदेश के खिलाफ SC में याचिका दायर की है.
- सेतुपति ने डीएमके नेता पेरियाकरुप्पन को एक वोट के अंतर से 2026 विधानसभा चुनाव में हराया था.
- मद्रास हाईकोर्ट ने सेतुपति को फ्लोर टेस्ट में मतदान करने से रोकते हुए मामले की सुनवाई 20 मई तक स्थगित की है.
टीवीके विधायक आर सीनिवासा सेतुपति ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्हें किसी भी फ्लोर टेस्ट में मतदान करने से रोक दिया गया है. सेतुपति ने डीएमके नेता पेरियाकरुप्पन को एक वोट से हराया था. टीवीके विधायक आर सीनिवासा सेतुपति ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें किसी भी फ्लोर टेस्ट में मतदान करने से रोक दिया गया है. सेतुपति ने डीएमके नेता पेरियाकरुप्पन को एक वोट से हराया था. सेतुपति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिका पर CJI की बेंच से जल्द सुनवाई की मांग की है. CJI सूर्यकांत ने याचिका पर कल सुनवाई की सहमति जताई है.
DMK नेता पेरियाकुरुप्पन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. 2026 विधानसभा चुनाव मे TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति ने DMK नेता पेरियाकुरुप्पन को एक वोट से हराया था. मद्रास HC ने अपने आदेश मे कहा है कि पोस्टल बैलेट समेत वोटिंग के सभी रिकॉर्ड संभालकर रखे जाएं. हाईकोर्ट मे मुख्य याचिका पर 20 मई को सुनवाई होनी है. हाईकोर्ट ने TVK के जीतने वाले उम्मीदवार श्रीनिवास सेतुपति को मामले की सुनवाई होने तक सदन में वोट देने से रोक दिया है.
HC ने अपने आदेश में साफ किया है कि ये आदेश सेतुपति की जीत को रद्द करने के लिए नहीं है, सिर्फ मामले की पूरी सुनवाई के लिए है. हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके की ओर से पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन ने शिवगंगा जिले की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. उनके प्रतिद्वंद्वी टीवीके उम्मीदवार श्रीनिवास सेतुपति ने 83,365 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले. इस तरह सेतुपति सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित हुए.
इसके बाद पेरियाकरुप्पन ने अदालत में याचिका दायर कर मतों की पुनर्गणना कराने और श्रीनिवास सेतुपति को विधायक पद ग्रहण करने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की. याचिका में अंतरिम राहत के तौर पर यह भी मांग की गई है कि शिवगंगा जिले की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट से कथित रूप से तिरुपत्तूर जिले की तिरुप्पत्तूर सीट पर भेजे गए डाक मतपत्रों को वापस मंगाकर सुरक्षित रखा जाए.
साथ ही उन डाक मतपत्रों को शिवगंगा जिले की तिरुप्पत्तूर सीट की मतगणना में शामिल करने और पुनर्गणना सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड अदालत में पेश करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है.\
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