- कपूर परिवार में 30 हजार करोड़ रुपये की विरासत को लेकर संजय कपूर की मौत के बाद विवाद चल रहा है
- रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में रघुवंशी इन्वेस्टमेंट्स की बोर्ड मीटिंग रोकने की अर्जी दी है
- कोर्ट ने विवाद पर सुनवाई 14 मई के लिए तय की और मामले को महाभारत से बड़ा अखाड़ा बताया
कपूर फैमिली के बीच 30 हजार करोड़ रुपये की विरासत को लेकर चल रही लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. कारोबारी संजय कपूर की मौत के बाद यह झगड़ा शुरू हुआ था. संजय कपूर की मौत पिछले साल जून में इंग्लैंड में पोलो खेलते समय हो गई थी. अब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर रघुवंशी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (RIPL) के 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग को रोकने की मांग की है.
रानी कपूर ने अपनी याचिका में इस मीटिंग को 'कोर्ट के आदेश पर चल रही मीडिएशिन प्रोसेस को दरकिनार की एक धोखाधड़ी भरी कोशिश' बताया है. RIPL के पास ही कपूर परिवार की विवादित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा है.
इस अर्जी का जिक्र जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने किया गया. जस्टिस पारदीवाला ने देश के सबसे अमीर परिवारों में से एक के झगड़ालू सदस्यों के बीच लगातार आ रही याचिकाओं और जवाबी याचिकाओं की बाढ़ पर तंज कसते हुए कहा, "हम तो एक ऐसे अखाड़े में उतर आए हैं, जिसके आगे महाभारत भी बहुत छोटा लगेगा. हम इस मामले को देखेंगे." इसके साथ ही उन्होंने इस मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार, यानी 14 मई की तारीख तय कर दी.
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प्रिया कपूर के खिलाफ भी निर्देश देने की मांग
इस बीच, रानी कपूर ने संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर के खिलाफ भी निर्देश जारी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रिया को 'पारिवारिक ट्रस्ट के कामकाज में दखल देने से रोका जाए.'
1 मई को प्रिया कपूर के वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को जिसमें संपत्ति पर 'यथास्थिति' (status quo) बनाए रखने का निर्देश दिया गया था 'एक सामान्य और संतुलित आदेश' बताया. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके मुवक्किल ने तो सुनवाई के दौरान ही अपनी मर्जी से संपत्ति की सुरक्षा और देखरेख का प्रस्ताव दे दिया था.
पिछले हफ्ते कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थता के लिए नियुक्त किया था. यह मध्यस्थता सिर्फ RK ट्रस्ट और Sona Comstar और कपूर परिवार से जुड़ी कंपनियों से संबंधित है. रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक सिविल केस दायर कर मांग की थी कि ट्रस्ट को "गैर-कानूनी, अमान्य और धोखाधड़ी, जालसाजी और अनुचित प्रभाव का नतीजा" घोषित किया जाए.
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मध्यस्थता में संजय की वसीयत शामिल नहीं
हालांकि, मध्यस्थता प्रक्रिया में संजय कपूर की वसीयत शामिल नहीं होगी. वसीयत का मामला प्रिया कपूर और कियान और समायरा कपूर के बीच एक अलग कानूनी लड़ाई का विषय है. कियान और समायरा, संजय कपूर की दूसरी पत्नी, अभिनेत्री करिश्मा कपूर से हुई संतानें हैं.
फिर भी, विवाद में शामिल परिवार के सभी सदस्य पेश होने पर सहमत हो गए हैं, जिनमें कियान और समायरा कपूर भी शामिल हैं, जिन्होंने प्रिया कपूर पर संजय कपूर की वसीयत में जालसाजी करने का आरोप लगाया है.
एक और मामला प्रिया कपूर और संजय कपूर की बहन, मंदिरा कपूर स्मिथ, और कथित तौर पर मानहानिकारक टिप्पणियों के एक जाल से जुड़ा है. फरवरी में, दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराज होकर दोनों पक्षों से मांग की कि वे "गरिमापूर्ण आचरण करें".
झगड़ रहे दोनों पक्षों से कहा गया, "हम उम्मीद करते हैं कि आप एक-दूसरे के खिलाफ कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे... कोर्ट आपसे यही उम्मीद करता है."
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