- कांवड़ यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बीच बिजी रूट पर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.
- कांवड़ यात्रा की सीसीटीवी और ड्रोन से भी निगरानी. ट्रैफिक एडवाइजरी भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जारी है
- कांवड़ यात्रा के लिए 4 से 11 अगस्त का समय सबसे अहम, कांवड़ रूट पर मांस की दुकानें बंद, शराब की दुकानें ढंकीं
Kanwar Yatra Latest News Today: सावन के पहले दिन कांवड़ यात्रा आज से शुरू हो गई है. कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्ग में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर उत्तराखंड के हरिद्वार तक 40 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे रूट का एक हिस्सा भी 5 दिनों के लिए बंद किया गया है. उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों से गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्त पैदल,साइकिल, कार और डीजे वाली गाड़ियां लेकर निकलते हैं. मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद से लेकर दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक जगह-जगह कांवड़ियों के लिए कैंप लगाए गए हैं. दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस ने यात्रियों को रूट डायवर्जन देखते हुए इस रूट पर जाने की सलाह दी है
कांवड़ यात्रा का पूरा रूट
1. हरिद्वार से उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश
हरिद्वार (हर की पैड़ी, बैरागी कैंप) से नारसन, पुरकाजी बॉर्डर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी.
2. मेन यूपी कॉरिडोर (NH-58 और गंगनहर मार्ग)
मुजफ्फर नगर से रामपुर तिराहा, मुजफ्फर नगर शहर से खतौली रूट जाता है. मेरठ कॉरिडोर में खतौली से होकर कांवड़िये मेरठ पहुंचते हैं.
दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान रूट: कांवड़िए मेरठ से मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद (अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा बॉर्डर और यूपी गेट होते हुए दिल्ली तक जाते हैं और वहां से हरिद्वार के लिए.

Kanwar Yatra Kawad Yatra
मेरठ-हापुड़ रूट भी व्यस्त
उत्तर प्रदेश में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा से आगरा रूट भी बिजी रहता है. गंग नहर रूट की बात करें तो हरिद्वार से मुरादनगर तक पैदल और डाक कांवड़ियों की आवाजाही रहती है.
दिल्ली- हरियाणा में एंट्री रूट
दिल्ली में प्रवेश के लिए सीमापुरी, अप्सरा, भोपुरा, गाजीपुर, लोनी और चिल्ला बॉर्डर मुख्य प्रवेश द्वार हैं. यहां से कांवड़िये आगे हरियाणा, राजस्थान और दक्षिणी दिल्ली की ओर जाते हैं.दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर के एंट्री रूट, ट्रांजिट कैंप और अहम रास्तों पर 8000 से अधिक पुलिसकर्मियों और होमगार्डों को तैनात किया गया है.
उत्तराखंड में हरिद्वार और कुंभ मेला क्षेत्र
दिल्ली में कांवड़ यात्रा के लिए 6000 से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी टुकड़ी तैनात हैं. दिल्ली में कांवड़ रूट 12 सुपर जोन, 33 जोन और 120 सेक्टरों में बांटा गया है. सीनियर आईपीएस अफसर तैनात हैं. घाटों और नहरों पर सुरक्षा के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ भी तैनात रहेगी.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 हजार पुलिसकर्मी
उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग पर 25 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.पुलिस बल के साथ पीएसी की 35 से अधिक कंपनियां और अर्धसैनिक बल की कई कंपनियां तैनात हैं. संवेदनशील रूट और शिविरों पर के लिए ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी लगाए गए हैं.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहन बंद
कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाहन बंद हैं. 4 अगस्त को दिल्ली हाईवे और दिल्ली, गढ़ और हापुड़ रोड को वनवे किया गया है.कांवड़ियों के लिए एक तरफ का रास्ता रहेगा.दिल्ली-देहरादून कारिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की नो एंट्री रहेगी. कांवड़ पटरी मार्ग पर सभी वाहनों पर पाबंदी रहेगी.एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना कि दिल्ली रोड, दिल्ली- देहरादून, हापुड़ रोड, रुड़की रोड और गढ़ रोड पर सभी कट बंद रहेंगे.

कांवड़ यात्रा पर क्या प्रतिबंधित
1. कांवड़ यात्रा के तय रूट पर शराब की दुकानें और नॉनवेज ढाबे, होटल पूरी तरह बंद रहेंगे.
2. कांवड़ शिविरों और डाक कांवड़ वाहनों पर तेज आवाज में डीजे बजाने, भड़काऊ गानों पर बैन
3. डीजे ट्रकों, कारों या डाक कांवड़ वाहनों पर भाला, तलवार या अन्य धारदार हथियार ले जाने पर रोक
4. हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी.कांवड़ यात्रा की अहम तारीख 4 से 12 अगस्त के बीच एनएच-58 (दिल्ली-हरिद्वार हाईवे) और गंग नहर पटरी मार्ग पर भारी और मध्यम वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध
🚨 TRAFFIC ADVISORY | KANWAR YATRA–2026
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) July 29, 2026
In view of the Kanwar Yatra from 30.07.2026 to 11.08.2026, traffic movement is likely to be affected on several routes across the Western Range of Delhi due to the movement of Kanwariyas and Kanwar Camps.
Commuters are advised to plan… pic.twitter.com/pDfPYEkiKe
कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम
1. एनएच-58 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद-मेरठ के बिजी कांवड़ रूट पर वनवे रहेगा. कांवड़ियों के पैदल चलने के लिए एक तरफ का रास्ता आरक्षित रहेगा.
2. इमरजेंसी सेवा, एंबुलेंस और परिवहन निगम की बसें तयशुदा डायवर्जन रूटों से चलेंगी.
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