- उज्जैन में 108 साल की बुजुर्ग धनी बाई कावड़ लेकर महाकाल दरबार में पहुंची.
- सावन महीने में बुजुर्ग अम्मा की इस भक्ति को देखकर महाकाल मंदिर में मौजूद भक्त दंग रह गए.
- धनी बाई के साथ उनके 80 और 60 साल के बुजुर्ग बेटे भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुए.
उज्जैन: 108 साल की उम्र में हाथ कांपने लगते हैं और शरीर साथ छोड़ देता है, इस उम्र में धनी बाई ने आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल पेश की है. सावन के महीने में धनी बाई कांवड़ लेकर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार पहुंचीं. उनके एक हाथ में कांवड़ और दूसरे हाथ में डमरू था. धनी बाई के साथ उनके 80 और 60 साल के बुजुर्ग बेटे भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुए. बुजुर्ग मां और उनके बेटों की इस भक्ति को जिसने भी देखा दंग रह गया.

108 year old dhani bai kanwar yatra ujjain mahakal temple sons
जल से कराया गया महाकाल का अभिषेक
पुजारी ने माला पहनाकर दिया प्रसाद
दर्शन के बाद महाकाल मंदिर के पुजारी ने बुजुर्ग महिला धनी बाई को माला पहनाई और उन्हें प्रसाद भी भेंट किया. लंबे सफर और उम्र की परवाह किए बिना बाबा के दरबार पहुंची धनी बाई की श्रद्धा देखकर वहां मौजूद हर श्रद्धालु प्रभावित हो गया.
60 और 80 साल के बुजुर्ग बेटे भी रहे साथ

108 year old dhani bai kanwar yatra ujjain mahakal temple: महाकाल की सबसे बुजुर्ग भक्त से बात करते हुए महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल.
सहायक प्रशासक बोले- माताजी को दर्शन कराना मेरा सौभाग्य
NDTV से बात करते हुए महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि 108 वर्ष से अधिक उम्र की माता जी धनी बाई कांवड़ लेकर आई थी. उन्हें दर्शन कराने का अवसर मिला, यह उनका सौभाग्य रहा है. उन्होंने कहा कि जैसे ही बुजुर्ग महिला के बारे में जानकारी मिली, उन्हें नंदी हॉल से दर्शन कराए गए. बाबा महाकाल के प्रति उनकी श्रद्धा अपार थी.
(उज्जैन से शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट)
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