World Schizophrenia Day 2024: विश्व स्किजोफ्रेनिया दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेषज्ञों ने कहा है कि समय पर इसकी पहचान, सही इलाज के साथ बेहतर पोषण और व्यायाम इस समस्या से बाहर आने में मदद कर सकते हैं. बता दें कि दुनिया भर में हर साल 24 मई को विश्व स्किजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है. यह एक ऐसी गंभीर मानसिक बीमारी है, जिससे पीड़ित लोगों को अक्सर भ्रम जैसी स्थिति होती है. इस गंभीर बीमारी से दुनियाभर में लगभग 20 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. इस बीमारी से ग्रसित लोगों को मतिभ्रम, भ्रम, अव्यवस्थित विचार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल साकेत के मेंटल हेल्थ एंड बिहेवियर साइंस डिपार्टमेंट के निदेशक और प्रमुख डॉ. समीर मल्होत्रा ने आईएएनएस को बताया, ''मानसिक स्वास्थ्य हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. दुर्भाग्य से कई मिथक और अनावश्यक जानकारी के कारण इस समस्या को और बढ़ा दिया गया है. ऐसे में लोग कई बार अपनी बीमारी को पहचानने में देर कर देते हैं. इसी भ्रम में परिवार इस बीमारी को समझने में सक्षम नहीं हो पाते.''
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
स्किजोफ्रेनिया एक तरह की मानसिक बीमारी है जिसके कई तरह के उपप्रकार हैं. इस बीमारी में दो तरह के लक्षणों को देखा जाता है.
- पहले लक्षणों में व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखाई या सुनाई देती हैं,जो दूसरे नहीं देख या सुन पाते. जिसमें मतिभ्रम या भ्रम जैसी स्थिति होती है.
- इसके दूसरे लक्षणों में व्यक्ति खुद को बाकी दुनिया से कटा हुआ महसूस करता है और सामाजिक रूप से अलग-थलग हो जाता है.
डॉ. समीर ने कहा जेनेटिक्स के साथ पर्यावरणीय कारक भी स्किजोफ्रेनिया बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं. डॉक्टर ने समझाया, ''स्किज़ोफ्रेनिया या संबंधित विकारों का एक मजबूत फैमिली हिस्ट्री है. हम यह भी देखते हैं कि इसमें कुछ विशेषकर औषधियों के दुरुपयोग की एक महत्वपूर्ण भूमिका है. जो मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों में डोपामाइन प्रवाह को बढ़ा सकती है.''
मनस्थली की संस्थापक और निदेशक और वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ज्योति कपूर ने आईएएनएस को बताया कि खराब जीवनशैली और अपर्याप्त पोषण भी स्किजोफ्रेनिया का खतरा बढ़ा सकता है. उन्होंने कहा, "जो लोग खराब डाइट, एक्सरसाइज की कमी, अल्कोहल का सेवन और कम नींद जैसी अनहेल्दी आदतों में शामिल होते हैं. उनमें मेंटल हेल्थ का खतरा ज्यादा होता है."
डॉक्टर ने यह भी बताया कि विशेष रूप से आवश्यक फैटी एसिड विटामिन और खनिजों में पोषक तत्वों की कमी मस्तिष्क के कार्य को खराब कर सकती है और स्किजोफ्रेनिया के लिए आनुवंशिक प्रवृत्ति को बढ़ा सकती है. इसके अलावा लंबे समय से स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफस्टाइल भी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं.
डॉक्टरों ने इसके लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और जोखिम को कम करने और समग्र मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी है.
Home Remedies for Glowing Skin | दमकती, बेदाग त्वचा के लिए बेस्ट घरेलू नुस्खे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं