- ईरान में महंगाई के खिलाफ सैकड़ों शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें अब तक 60+ मौतें हो चुकी हैं.
- सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं और प्रदर्शनकारियों को विदेशी एजेंट बताया है.
- इंटरनेट बंद है, सरकारी इमारतों पर हमले जारी हैं. स्थिति तनावपूर्ण और अस्थिर बनी हुई है.
ईरान इस वक्त इतिहास के सबसे खतरनाक मोड़ पर खड़ा है. महंगाई, बेरोजगारी और दमन के खिलाफ सुलग रही चिंगारी अब आग बन चुकी है. तेहरान से मशहद तक, करमानशाह से रश्त तक कम से कम 100 शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. इन प्रदर्शनों में अब तक 60 से ज़्यादा मौतें हुई हैं.
ईरान के 31 में से 26 प्रांतों में हालात बेकाबू हैं. महिलाएं, युवा, मजदूर सब सड़कों पर हैं. नारे गूंज रहे हैं, 'खामेनेई मुर्दाबाद', 'शाह जिंदाबाद'. लेकिन दूसरी तरफ है, ईरान की सबसे ताकतवर कुर्सी. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कुर्सी. खामेनेई किसी भी कीमत पर सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सड़कों पर बगावत, गोलियों की गूंज
तेहरान की सड़कों पर जली हुई गाड़ियां, सरकारी इमारतों पर हमले साफ देखे जा सकते हैं. सीसीटीवी उखाड़े जा रहे हैं और कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को घेर कर पीट दिया है. उत्तर ईरान में गवर्नर का हेडक्वार्टर जला दिया गया. खामेनेई के गृहनगर मशहद में हजारों लोग अमेरिका से मदद की गुहार लगाते दिखे.
ईरान ने चौथे बड़े शहर कराज का सिटी हॉल जला दिया गया है. भीषण प्रदर्शनों का असर इस कदर हावी है कि सरकार को स्टारलिंक और जीपीएस सिग्नल भी जाम करने पड़े हैं.

यह भी पढ़ें- हस्तक्षेप के लिए तैयार रहें, एक घंटे में लोग सड़कों पर... ईरान में अशांति के बीच निर्वासित प्रिंस की ट्रंप से गुहार
तख्तापलट की आहट
ईरान की स्टेट मीडिया आमतौर पर सच्चाई छुपाती रही है, लेकिन इस बार इंटरनेट बंद होने के बावजूद वीडियो और तस्वीरें दुनिया के सामने हैं. यही वजह है कि अब गृहयुद्ध और तख्तापलट जैसे शब्द खुलेआम बोले जा रहे हैं.

ट्रंप बनाम खामेनेई
इसी उथल-पुथल के बीच ख़ामेनेई कैमरे के सामने आए और सीधे-सीधे डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोल दिया. खामेनेई बोले, 'कुछ लोग ट्रंप को खुश करने के लिए अपना ही देश जला रहे हैं. उसके हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने हैं.'
यह भी पढ़ें- 'भाड़े के टट्टुओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे'... ईरान में प्रदर्शनों के लिए खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार
अगर सब कुछ ठीक है तो फिर...?
खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी एजेंट और भाड़े के लोग बताया. लेकिन सवाल ये है अगर सब कुछ कंट्रोल में है, तो फिर इंटरनेट क्यों बंद? तेहरान एयरपोर्ट क्यों सील? और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स क्यों सड़कों पर उतारे गए हैं?
रजा पहलवी की एंट्री
इसी बीच ईरान के निष्कासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने खुलकर लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की है. उन्होंने कहा, 'भीड़ जितनी बड़ी होगी, शासन उतना कमजोर पड़ेगा. इंटरनेट बंद है, लेकिन जीत आपकी होगी.' कई जानकार मानते हैं कि पहलवी की अपील के बाद जो आंदोलन थमता दिख रहा था, वो दोबारा और ज़्यादा उग्र हो गया. यानी अब लड़ाई सिर्फ महंगाई की नहीं, सिस्टम बदलने की हो चुकी है.
अमेरिका का रुख: क्या ‘ऑपरेशन ईरान'?
डोनाल्ड ट्रंप का बयान इस आग में घी डालने जैसा है. ट्रंप बोले, 'ईरान पतन के कगार पर है. लोग सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर हैं. अगर जरूरत पड़ी तो हम हमला करने को तैयार हैं.'
आपको बता दें कि ट्रंप ने सत्ता में आते ही ओबामा दौर की न्यूक्लियर डील तोड़ी, ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए, और वही आर्थिक दबाव आज सड़कों पर गुस्से की शक्ल में दिख रहा है.
यह भी पढ़ें- ईरानी महिलाओं का ये रूप देख दुनिया दंग, सिगरेट फूंक कर खामनेई को सीधी चुनौती
दुनिया की नजरें ईरान पर
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर अमेरिका को चेतावनी दी है कि हमले की स्थिति में आत्मरक्षा का पूरा हक इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं इजराइल का कहना है ईरान में जनता का गुस्सा असली है, लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज मिलिशिया अब भी बेहद ताकतवर हैं. यानी तख्तापलट आसान नहीं, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है.
1979 का दौर रिपीट हो रहा है?
ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या ईरान 1979 की क्रांति जैसा एक और ऐतिहासिक पल देखने जा रहा है? क्या अयातुल्ला खामेनेई, जो दशकों से ईरान की सबसे ताकतवर कुर्सी पर हैं, अब सत्ता के अंतिम दौर में हैं? या फिर खूनी दमन के बाद ये आंदोलन भी इतिहास के पन्नों में दफ्न कर दिया जाएगा?
एक बात तय है. ईरान में जो हो रहा है, वो सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा. ये आग पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति बदलने की ताकत रखती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं