World Mental Health Day: मानसिक स्वास्थ्य कितना जरूरी है ये हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जब कोई मानसिक रूप से बीमार होता है तो कौन से लक्षण दिखाई देते हैं? हम अक्सर सोचते हैं कि भूख लगना सिर्फ पेट से जुड़ी बात है. लेकिन अगर आपको हर समय खाने का मन करता है, खाने के बाद भी भूख लगती है या बिना मेहनत के भी बार-बार भूख लगती है, तो यह सिर्फ डाइजेशन नहीं, बल्कि ब्रेन सिग्नल्स में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. मेडिकल साइंस में इस स्थिति को पॉलिफेजिया (Polyphagia) कहा जाता है. यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें बहुत ज्यादा भूख लगती है यहां तक कि शरीर को एनर्जी की भी जरूरत होती है.
वेबएमडी के अनुसार, अगर आपको हर समय भूख लगती है यहां तक कि खाने के तुरंत बाद, तो यह डायबिटीज, हाइपरथायरॉइडिज्म, डिप्रेशन या स्ट्रेस जैसी स्थितियों का संकेत हो सकता है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
ये भी पढ़ें: आचार्य बालकृष्ण और आयुष मंत्रालय ने बताया ऋतु के हिसाब से कैसी हो डाइट, जानें किस मौसम में क्या खाएं
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
हालांकि डब्ल्यूएचओ ने पॉलिफेजिया को सीधे मानसिक बीमारी नहीं कहा है, लेकिन WHO की मेंटल हेल्थ गाइडलाइन में यह साफ किया गया है कि खाने की आदतें और मानसिक स्वास्थ्य आपस में गहराई से जुड़े होते हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अगर खाने की आदतें असामान्य हो जाएं जैसे बार-बार भूख लगना, इमोशनल ईटिंग या बिना कारण खाने की इच्छा तो यह मानसिक असंतुलन का संकेत हो सकता है.
ज्यादा भूख लगना क्यों हो सकता है मानसिक लक्षण?
1. ब्रेन के हाइपोथैलेमस हिस्से में गड़बड़ी
हाइपोथैलेमस वह हिस्सा है जो भूख और तृप्ति को कंट्रोल करता है. अगर यह हिस्सा ठीक से काम न करे, तो भूख के सिग्नल बार-बार भेजे जाते हैं, जिससे व्यक्ति को बार-बार खाने का मन करता है.
ये भी पढ़ें: घबराहट क्यों होती है? जानिए एंग्जायटी के लक्षण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे नजरअंदाज!
2. तनाव और चिंता
क्रॉनिक स्ट्रेस से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो भूख को बढ़ाता है. तनाव में लोग अक्सर इमोशनल ईटिंग करते हैं, यानी भावनात्मक असंतुलन को खाना खाकर शांत करने की कोशिश.
3. डिप्रेशन और मूड डिसऑर्डर
डिप्रेशन में कुछ लोग भूख खो देते हैं, जबकि कुछ को अत्यधिक भूख लगती है. यह ब्रेन के सेरोटोनिन और डोपामाइन लेवल में बदलाव के कारण होता है.
4. नींद की कमी
नींद पूरी न होने से घ्रेलिन नामक हार्मोन बढ़ता है, जो भूख को तेज करता है. साथ ही लेप्टिन नामक हार्मोन घटता है, जो तृप्ति का संकेत देता है.
ये भी पढ़ें: तनाव, चिंता का काल हैं ये 5 योग, मेंटल हेल्थ को रखते हैं सुपर हेल्दी, जान लें कौन सा योग किस समय करें
कैसे पहचानें कि ब्रेन में कोई दिक्कत है?
- खाने के तुरंत बाद भी भूख लगना
- बिना शारीरिक मेहनत के भी बार-बार खाने की इच्छा
- खाने से मूड बेहतर लगना, फिर जल्दी खराब होना
- नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी
- वजन तेजी से बढ़ना या घटना बिना कारण
क्या करें अगर ऐसा हो रहा है?
न्यूरोलॉजिस्ट या साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. ब्लड शुगर, थायरॉइड और हार्मोन टेस्ट कराएं. कब, कितना और क्यों खा रहे हैं, इसका रिकॉर्ड रखें. इससे इमोशनल ईटिंग की आदत को समझने में मदद मिलेगी. तनाव कम करने के लिए प्राणायाम, ध्यान और हल्का व्यायाम बेहद असरदार है. रात को 7–8 घंटे की नींद लें. मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल सीमित करें.
Gurudev Sri Sri Ravi Shankar: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं